कौन बनेगा परसपुर का चेयरमैन? प्रत्याशी के रूप में कई नामी गिरामी हस्तियों के चेहरे 

गोण्डा की लोकल खबरें, राजन कुशवाहा की यह रिपोर्ट -

गोण्डा। नवसृजित परसपुर नगर पंचायत का पंचवर्षीय कार्यकाल पूरा होने में कुछ दिन ही शेष रह गए है। परसपुर नगर पंचायत के वर्ष 2017 के चुनाव में पहली बार नगर अध्यक्ष पद के लिए वासुदेव सिंह की पत्नी विमला सिंह निर्वाचित हुई। वर्ष 2017 में नगर निकाय के पिछले चुनाव में चेयरमैन पद के लिए दर्जनों महिला प्रत्याशियों ने अपना भाग्य आजमाया था। भारतीय जनता पार्टी के वासुदेव सिंह की पत्नी विमला सिंह ने चेयरमैन प्रत्याशी के रूप में राजनीति में कदम रखा और अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को हराकर जीत का परचम लहराया। 

दरअसल, परसपुर ब्लाक क्षेत्र मूलरूप से गन्ने की मिठास व सरयू घाघरा नदी के पावन संगम सूकरखेत, पसका वाराह क्षेत्र के रूप में विख्यात है। इस पावन धरती पर महाकवि तुलसी की जन्मभूमि राजापुर, गुरु नर हरि दास का आश्रम, श्रृंगी ऋषि आश्रम सिंगरिया, मां वाराही मंदिर समेत विभिन्न पौराणिक व ऐतिहासिक स्थल हैं। 

परसपुर नगर के दायरे में कई छोटे छोटे मुहल्ले समेत कुल 15 वार्ड हैं। यहां पान, चाय, होटल से लेकर नाई की दुकान तक, गली गलियारे से खेत खलिहान तक, युवा, वृद्ध, महिला, पुरुष, नौजवान की जुबान पर नगर निकाय चुनाव की राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

परसपुर नगर पंचायत के इस बार चुनाव में अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों की संख्या काफी अधिक सुनाई दे रही है।  और लोगों ने जनसंपर्क करना भी तेज गति से प्रारम्भ कर दिया है। गली गलियारों में मकानों के दीवारों पर चिपके पोस्टर प्रत्याशियों की वाह वाही बयां कर रहे हैं। हालांकि प्रशासन स्तर पर निकाय चुनावों के बारे में अभी कोई अधिकृत सूचना नहीं आई है। 

पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने में कुछेक दिन ही शेष है।कार्यकाल पूरा होने पर चुनाव को लेकर अध्यक्ष (चेयरमैन) पद समेत वार्ड सभासद के भावी प्रत्याशियों ने भी जी तोड़ मेहनत शुरू कर दी है। विगत चुनावों की अपेक्षा इस बार अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों की संख्या कुछ ज्यादा ही होने के अनुमान माने जा रहे  है। परसपुर नगर क्षेत्र के निवासियों सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के वह लोग भी शामिल होंगे, जिन्होंने इस बार निर्वाचन नामावली सूची में आवेदन किया हैं। दूसरी तरफ अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए ऐसे भी चेहरे सामने आ रहे हैं, जिन्होंने जनता से अब तक काफी दूर रहे है। कभी जनता का कोई काम नहीं किया, जनता से कभी मिलने का समय ही नहीं मिला, फिर भी चुनाव नजदीक होते देख जनता के सबसे बड़े हम दर्द बनकर सामने आने लगे हैं। कुछ लोग तंज कसकर यह भी चुस्कियां भी ले रहे हैं। वार्ड सभासद का चुनाव जीतने की स्थिति में नहींं हैं, और चेयरमैन चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। परसपुर नगर क्षेत्र में चर्चाएं यह भी है कि ऐसे लोग चुनाव लड़ने के लिए नहीं, बल्कि चुनाव के मजबूत प्रत्याशी से धन रकम लेकर उनका समर्थन करने के जुगत में हैं। जबकि कुछ लोग आपसी खुन्नस में दूसरे प्रत्याशी का समीकरण बिगाड़ने के लिए चुनावी मैदान में कूदने को तैयार हैं। यद्यपि कुछ ऐसे भी प्रत्याशी हैं, जो जनता के बीच रहकर लगातार उनके सुख दुख में शामिल रहे हैं। और ऐसे लोग निश्चित ही अपनी पकड़ मजबूत किये हुए हैं। चुनाव कितने लोग लड़ेंगे और कौन नहींं लड़ेगा। यह आने वाला समय बतायेगा। क्योंकि अभी तक इसकी स्थिति भी स्पष्ट नहीं है। फिर भी अपने अपने प्रयासों में लोग जुटे हुए हैं। किंतु सोसल मीडिया फेसबुक व्हाट्सएप के जरिए कई नामी गिरामी चेहरे प्रत्याशी के रूप में देखने को मिल रहे हैं। फिलहाल सभी भावी प्रत्याशी जनता के मध्य पहुंचकर अपना वर्चस्व बनाने में जुट गये हैं।