सोशल मीडिया अपील, बेसहारा बच्चों को मिला सहारा, सवा लाख का मिला सहयोग, मगरा वासियों ने लिया मानवता का परिचय

धर्म नारायण पुरोहित की रिपोर्ट


राजसमंद 10 जनवरी आज के दौर में सोशल मीडिया जिंदगी का एक हिस्सा बन चुका है । लोग सोशल मीडिया का गलत उपयोग करके समाज में अफवाह फैलाने काम करते हैं लेकिन यही सोशल मीडिया बेसहारा लोगों के लिए फायदेमंद भी साबित हो रहा है। गत कुछ दिनों पहले गाजी सिंह  सतना कोट किराना के छः वर्ष से लंबी बीमारी के बाद उनकी  मृत्यु हो गई थी।  जिनके छः छोटे बच्चे हैं।  गाजी सिंह की मौत के बाद बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।  इस घटना के बाद पत्नी व बच्चे बिल्कुल बेसहारा हो गए
इस विकट घड़ी में पीड़ित परिवार के लिए दिलीप सिंह  के नेतृत्व में सहयोगकर्ता मोहन सिंह समेल ने सोशल मीडिया पर मिशन चलाकर पीड़ित परिवार लोगों को इस संबंध में अवगत कराया । जिसके माध्यम से पीड़ित परिवार मगरा क्षेत्र के कोने कोने से सहयोग मिला।  जिसमें मुख्य रूप से भीम , पीपली, बरार, बगड़ी कलालिया, करमाल , कालादाता, जस्साखेड़ा , टोगी, कोट किराना, सीरमा, समेल और शहीद प्रेम सिंह नगर से सहयोग मिला ।  समाज के दिलीप सिंह  धुकलपुरा के तहत भामाशाह और सहयोगकर्ताओं पीड़ित परिवार की मदद हेतु मानवता के नाते अपना भरपूर सहयोग दिया।  सभी भामाशाह और सहयोगकर्ताओं ने इस मिशन को सफल बनाया कि इस मिशन में करीब 156 से अधिक लोगों ने सहयोग  फलस्वरूप एक लाख 22 हकार 740 रुपये से की राशि परिवार को सौंप दी गई। इसी तरह साथी भामाशाह एडवोकेट घनश्यामसिह ने अपनी प्राइवेट स्कूल बच्चों को पढ़ाने के लिए जिम्मेदारी ली।  इस मौके पर दिलीप सिंह धुकलपुरा, पंसस परमेश्वर सिंह सीरमा, समाज सेवी मोहन सिंह समेल , प्रताप सिंह,  देवी सिंह फौजी, छगन मिस्त्री , प्रेम सिंह, अध्यापक नाथू सिंह , प्रधानाध्यापक रामस्वरूप चौधरी, अमर सिह, गिरधारी सिंह धुकलपुरा, वार्ड पंच टीकम जांगिड़, भीमसिंह जयपुर श्याम ढाबा  और सतना गांव के ग्रामवासी आदि मौजूद रहे। 

मोहन सिंह समेल बने सोशल मीडिया के वाहक

होटल कर्मचारी मोहन सिंह समेल ने गाजी सिंह के निधन पर सोशल मीडिया के माध्यम से एक अभियान बनाकर चलाया । जिससे सवा लाख तक कि राशि एकत्र कर शोक ग्रस्त परिवार को सौपी। जानकारी के अनुसार मोहन सिंह समेल अनवरत रूप से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हैं तथा विभिन्न माध्यमों से समाज सेवा से जुड़े हुए हैं।