उत्तर पश्चिम रेलवे ने स्वच्छता अभियानों में बनाया नया रिकॉर्ड, कबाड़ बेचकर कमाए ₹53.30 करोड़

उत्तर पश्चिम रेलवे ने स्वच्छता अभियानों में बनाया नया रिकॉर्ड, कबाड़ बेचकर कमाए ₹53.30 करोड़

स्वच्छता ही सेवा, स्वच्छता पखवाड़ा और विशेष अभियान 6.0 के तहत 15 हजार से अधिक स्थलों की सफाई, 1275 सफाई मित्रों का कराया स्वास्थ्य परीक्षण

उत्तर पश्चिम रेलवे ने स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे निरंतर मिशन के रूप में अपनाया है। रेलवे की ओर से वर्ष 2026 में 'स्वच्छता ही सेवा अभियान', 'स्वच्छता पखवाड़ा' और 'विशेष अभियान 6.0' के तहत व्यापक स्तर पर स्वच्छता एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन अभियानों के माध्यम से रेलवे परिसरों को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ कर्मचारियों और यात्रियों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।

उत्तर पश्चिम रेलवे में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया गया। इसके अंतर्गत 6265 इकाइयों के लक्ष्य के मुकाबले 8078 स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों की पहचान कर उनकी सफाई कराई गई। इस दौरान 49 सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 1275 सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

अभियान के दौरान कबाड़ से उपयोगी और आकर्षक वस्तुएं तैयार करने की पहल भी की गई। इसके तहत बेकार सामग्री से कलात्मक वस्तुएं बनाकर रेलवे स्टेशनों और विभिन्न इकाइयों में प्रदर्शित किया गया। साथ ही श्रमदान कार्यक्रमों में यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों, स्कूली बच्चों, स्काउट्स एवं गाइड्स और स्वयंसेवी संस्थाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इसके बाद 1 से 15 अक्टूबर 2026 तक स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित किया गया। इस दौरान प्रमुख रेलवे स्टेशनों, प्रतीक्षालयों, विश्राम कक्षों, भोजनालय क्षेत्रों और प्रशासनिक भवनों में विशेष सफाई अभियान चलाए गए। रेलवे पटरियों के किनारे जमा कचरे, पुराने कचरे, अनावश्यक पोस्टर और बैनर हटाए गए। 1 अक्टूबर को एक दिन, एक घंटा, एक साथ की थीम पर श्रमदान और 2 अक्टूबर को स्वच्छता शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ ही एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया।

रेलवे ने विशेष अभियान 6.0 के तहत भी स्वच्छता और प्रशासनिक कार्यक्षमता सुधारने पर विशेष ध्यान दिया। यह अभियान 15 सितंबर से 30 सितंबर तक तैयारी चरण और 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक कार्यान्वयन चरण में चलाया गया। इसके तहत पुरानी फाइलों और अनुपयोगी रिकॉर्ड की समीक्षा कर उन्हें हटाने, ई-फाइलों का निस्तारण करने तथा कार्यालयों में बेहतर साफ-सफाई और संसाधनों के उचित उपयोग पर जोर दिया गया।

इस अभियान की एक बड़ी उपलब्धि यह रही कि 29 अक्टूबर 2026 तक कबाड़ के निस्तारण से उत्तर पश्चिम रेलवे ने 53.30 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। वहीं 6600 स्थलों की सफाई के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 7000 से अधिक स्थलों की पहचान कर उनकी सफाई कराई गई। ई-कचरे और अन्य अनुपयोगी सामग्रियों के उचित निस्तारण की दिशा में भी विशेष पहल की गई।

इसके अतिरिक्त 22 अक्टूबर 2026 को उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी स्टेशनों पर रेल जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य यात्रियों और आम जनता से सीधे संवाद स्थापित करना तथा उनकी भागीदारी के माध्यम से रेलवे सेवाओं को और बेहतर बनाना रहा।

उत्तर पश्चिम रेलवे के इन प्रयासों से स्पष्ट है कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सफाई कर्मचारियों के सम्मान और प्रशासनिक सुधारों को प्राथमिकता देते हुए रेलवे लगातार बेहतर कार्य कर रहा है।