फुलेरा-मदार रेलखंड पर 11 घंटे का मेगा ब्लॉक लेकर रेलवे ने किए महत्वपूर्ण कार्य, भांवसा स्टेशन पर अतिरिक्त लूप लाइन शुरू

फुलेरा-मदार रेलखंड पर 11 घंटे का मेगा ब्लॉक लेकर रेलवे ने किए महत्वपूर्ण कार्य, भांवसा स्टेशन पर अतिरिक्त लूप लाइन शुरू

ट्रैक नवीनीकरण से लेकर नई लूप लाइन की कमीशनिंग तक कई कार्य पूरे, रेल संरक्षा और परिचालन दक्षता को मिलेगा बढ़ावा

जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे ने रेल परिचालन की संरक्षा, विश्वसनीयता और दक्षता को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जयपुर मंडल के फुलेरा-मदार रेलखंड पर 25 अक्टूबर 2026 को 11 घंटे का मेगा ट्रैफिक ब्लॉक लेकर रेलपथ अनुरक्षण, ट्रैक नवीनीकरण, सिग्नल व्यवस्था और आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए। इस दौरान भांवसा स्टेशन पर अतिरिक्त लूप लाइन संख्या 5 की कमीशनिंग भी की गई।

मेगा ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार और विद्युत कर्षण विभाग ने आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय में कार्यों को पूरा किया। इससे रेल परिसंपत्तियों के अनुरक्षण के साथ भविष्य में रेलगाड़ियों के संचालन को अधिक सुचारू और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

ब्रिज संख्या 262 पर स्थापित किए गए प्रीकास्ट आरसीसी बॉक्स

किशनगढ़-मंडावरिया रेलखंड पर ब्रिज संख्या 262 में पुराने स्लैब हटाकर 7 प्रीकास्ट आरसीसी बॉक्स और 6 प्रीकास्ट बेस स्लैब स्थापित किए गए। इसके अतिरिक्त किशनगढ़ यार्ड में टर्नआउट नवीनीकरण का कार्य किया गया। किशनगढ़ और लाडपुरा यार्ड की लूप लाइनों में रेल नवीनीकरण भी सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इन कार्यों का उद्देश्य रेलपथ की गुणवत्ता बनाए रखने और संरक्षा को मजबूत करना है।

भांवसा स्टेशन पर बढ़ी परिचालन क्षमता

मेगा ब्लॉक के दौरान जयपुर-मदार रेलखंड स्थित भांवसा स्टेशन यार्ड में अतिरिक्त लूप लाइन संख्या 5 की सफल कमीशनिंग की गई। इसके तहत 6 नए पॉइंट्स एवं क्रॉसिंग बिछाए गए। साथ ही लाइन संख्या 4 का 310 मीटर विस्तार किया गया और 780 मीटर लंबी नई लूप लाइन तैयार की गई। इसके अलावा 6 नए स्विच एक्सपेंशन जॉइंट (एसईजे) भी स्थापित किए गए।

अतिरिक्त लूप लाइन शुरू होने से स्टेशन पर रेल परिचालन के लिए अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध होगी। इससे रेलगाड़ियों के संचालन की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।

सिग्नल और विद्युत कर्षण विभाग ने भी संभाली जिम्मेदारी

नई लूप लाइन के अनुरूप सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग ने मौजूदा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली में आवश्यक बदलाव और अपडेट किए। इससे नई लाइन को स्टेशन की परिचालन व्यवस्था के साथ जोड़ने का कार्य पूरा हुआ।

वहीं, विद्युत कर्षण विभाग ने इंजीनियरिंग संबंधी कार्यों को सुगम बनाने के लिए 3 स्थानों पर ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) का अनुरक्षण किया।

बेहतर समन्वय से निर्धारित समय में पूरे हुए कार्य

एक ही दिन में 11 घंटे के निर्धारित मेगा ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान ब्रिज संबंधी कार्य, ट्रैक एवं टर्नआउट नवीनीकरण, पॉइंट्स और क्रॉसिंग की स्थापना, अतिरिक्त लूप लाइन की कमीशनिंग तथा ओएचई अनुरक्षण जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए गए।

उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल में किए गए इन कार्यों से रेल परिसंपत्तियों के बेहतर रखरखाव, परिचालन दक्षता में सुधार और रेल संरक्षा को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल के साथ कार्यों का समयबद्ध निष्पादन रेलवे की परिचालन तैयारियों और आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।