नवरात्र में श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत, 11 अक्टूबर के बाद पठानकोट-जोगिंदरनगर नैरोगेज रेल सेवा शुरू होने की उम्मीद

जम्मू। यात्रियों की सुरक्षा और सुगम रेल परिचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने पठानकोट-जोगिंदरनगर नैरोगेज रेल खंड का व्यापक संरक्षा निरीक्षण किया। मंडल रेल प्रबंधक विवेक कुमार के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने नूरपुर रोड, ज्वालामुखी रोड सहित महत्वपूर्ण रेल पथ और पुलों का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण में लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज भी शामिल रहे।

निरीक्षण की शुरुआत नूरपुर रोड रेलवे स्टेशन से हुई। यहां प्लेटफार्म, पेयजल, स्वच्छता और यात्री सुविधाओं की स्थिति देखी गई। इसके बाद ज्वालामुखी रोड स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के साथ संरक्षा उपकरणों की जांच की गई।

निरीक्षण का प्रमुख केंद्र ऐतिहासिक बथू रेलवे पुल संख्या 388 रहा। मंडल रेल प्रबंधक और सांसद ने पुल की संरचनात्मक मजबूती, ट्रैक की फिटनेस, अप्रोच, बियरिंग्स और अन्य संरक्षा मानकों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही बथू पुल से 84/7-8 के बीच ट्रॉली से रेल पथ, स्लीपरों, रेल जोड़ों, घुमावदार हिस्सों और सिग्नलिंग व्यवस्था की भी गहन जांच की गई।

मंडल रेल प्रबंधक विवेक कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों की संरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ मंडल अभियंता शुभम पवार और उनकी टीम की ओर से किए जा रहे अनुरक्षण कार्यों की भी समीक्षा की गई।

लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने नैरोगेज रेल खंड के महत्व पर चर्चा करते हुए इसके पुनरुद्धार और यात्री सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया। यह रेल खंड कांगड़ा घाटी के लोगों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन साधन होने के साथ ही पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है।

मानसून के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस खंड पर परिचालन को एहतियातन नियंत्रित किया गया था। अब संरक्षा जांच और आवश्यक अनुरक्षण कार्य पूरे होने के बाद 11 अक्टूबर 2026 के बाद नैरोगेज रेल सेवा दोबारा शुरू होने की संभावना है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ शारदीय नवरात्र के दौरान ज्वालामुखी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

जम्मू मंडल रेल प्रशासन का कहना है कि यात्रियों को सुरक्षित, संरक्षित और आरामदायक रेल यात्रा उपलब्ध कराने के लिए संरक्षा निरीक्षण और अनुरक्षण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।