गुढ़ा स्टेशन पर सुरक्षित सफर की नई राह, नवंबर तक तैयार होगा फुट ओवरब्रिज

गुढ़ा स्टेशन पर सुरक्षित सफर की नई राह, नवंबर तक तैयार होगा फुट ओवरब्रिज

तीन मीटर चौड़ा होगा एफओबी, दोनों प्लेटफॉर्म को रैंप से जोड़ेगा; नींव और गर्डर फैब्रिकेशन का काम जारी

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के डेगाना-फुलेरा रेलखंड स्थित गुढ़ा स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षित और सुगम आवाजाही के लिए फुट ओवरब्रिज (एफओबी) का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। एफओबी निर्माण को रेलवे से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर भी अवार्ड कर दिया गया है। फिलहाल निर्माण कार्य के तहत नींव तैयार करने के साथ गर्डर फैब्रिकेशन का काम प्रगति पर है। रेलवे ने एफओबी को नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

जोधपुर मंडल के रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार, एफओबी के निर्माण से गुढ़ा स्टेशन पर यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध होगा। इससे यात्रियों को रेल पटरियां पार करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और स्टेशन पर आवागमन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।

एफओबी तैयार होने के बाद दैनिक यात्रियों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को भी प्लेटफॉर्म बदलने में काफी सुविधा मिलेगी। रेलवे के अनुसार यह निर्माण कार्य गुढ़ा स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार और सुरक्षित आवागमन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

तीन मीटर चौड़ा होगा एफओबी

नवनिर्मित फुट ओवरब्रिज की चौड़ाई तीन मीटर होगी, जबकि इसका क्लियर स्पैन 36.68 मीटर रहेगा। दोनों प्लेटफॉर्म को एफओबी से जोड़ने के लिए 1:12 ढाल वाले डॉग-लेग्ड रैंप बनाए जाएंगे। दोनों प्लेटफॉर्म पर रैंप की लैंडिंग लगभग 33 मीटर लंबी और 2.2 मीटर चौड़ी होगी।

नींव के साथ गर्डर फैब्रिकेशन भी जारी

एफओबी निर्माण के शुरुआती चरण में नींव का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसके साथ ही गर्डर फैब्रिकेशन का काम भी जारी है। रेलवे की ओर से निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अधिकारियों को कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

एफओबी के निर्माण के बाद गुढ़ा स्टेशन पर यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने के लिए सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित सुविधा मिलेगी। इससे स्टेशन पर यात्री आवागमन बेहतर होने के साथ रेल यात्रियों की सुरक्षा भी मजबूत होगी।