सतर्क यात्री की सूझबूझ से फर्जी टिकट परीक्षक का पर्दाफाश, रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल पकड़ा

कोलकाता। माझेरहाट रेलवे स्टेशन पर एक सतर्क यात्री और सक्रिय रेलवे कर्मचारियों की तत्परता से फर्जी टिकट परीक्षक बनकर यात्रियों से अवैध रूप से जुर्माना वसूलने का प्रयास कर रहे एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया। रेलवे की सजगता से संभावित धोखाधड़ी का मामला समय रहते सामने आ गया और आरोपी को कानूनी कार्रवाई के लिए सुरक्षा बल के हवाले कर दिया गया।

घटना उस समय सामने आई जब एक व्यक्ति ने खुद को ड्यूटी पर तैनात टिकट परीक्षक बताते हुए एक यात्री को रोककर जुर्माने की राशि मांगनी शुरू की। यात्री को उसकी गतिविधि पर संदेह हुआ और उसने जुर्माने की वैधता के बारे में सवाल किया। इसी दौरान दोनों के बीच बहस होने लगी। मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों ने स्थिति को भांपते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया और व्यक्ति से पूछताछ शुरू कर दी।

दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान व्यक्ति वैध रेलवे पहचान-पत्र अथवा अधिकृत होने का कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी। जांच में उसके फर्जी टिकट परीक्षक होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए रेलवे सुरक्षा बल के हवाले कर दिया गया।

मामले में राजकीय रेलवे पुलिस, बालीगंज द्वारा सुभजीत बनर्जी, उम्र 32 वर्ष, के विरुद्ध केस संख्या 28/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

यात्री की सतर्कता बनी सुरक्षा की मिसाल

सियालदह मंडल के मंडल रेल प्रबंधक राजीव सक्सेना ने सतर्क यात्री और त्वरित कार्रवाई करने वाले रेलवे कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यात्री की जागरूकता और रेलवे कर्मचारियों की तत्काल कार्रवाई अत्यंत प्रशंसनीय है। सियालदह मंडल अनधिकृत गतिविधियों और धोखाधड़ी के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति के साथ कार्य कर रहा है।

उन्होंने यात्रियों से अपील की कि टिकट जांच के दौरान रेलवे कर्मचारी का आधिकारिक पहचान-पत्र अवश्य देखें और किसी भी वैध जुर्माने अथवा किराया अंतर की राशि का भुगतान करते समय उचित रसीद जरूर प्राप्त करें।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि रेलवे परिसर में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारियों को सूचित करें। आवश्यकता पड़ने पर रेलवे की सहायता सेवा 139 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

सतर्क यात्री और सजग रेलवे कर्मचारी मिलकर रेलवे परिसर को सुरक्षित, पारदर्शी और यात्रियों के लिए भरोसेमंद बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।