अब मशीनें गिनेंगी माता वैष्णो देवी का चढ़ावा, व्यवस्था होगी और अधिक पारदर्शी

अब मशीनें गिनेंगी माता वैष्णो देवी का चढ़ावा, व्यवस्था होगी और अधिक पारदर्शी

भवन में चढ़ावे की मैनुअल गिनती होगी बंद, कैश रीसाइक्लर मशीनों से होगी आधुनिक और सुरक्षित गणना

कटरा। श्री माता वैष्णो देवी भवन में श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित किए जाने वाले नकद चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था अब और अधिक आधुनिक होने जा रही है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने चढ़ावे की मैनुअल गिनती को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर मशीनों के माध्यम से नकदी की गणना करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस नई व्यवस्था से चढ़ावे की गिनती में पारदर्शिता, सुरक्षा और कार्यकुशलता बढ़ने की उम्मीद है।

श्राइन बोर्ड के अनुसार, चढ़ावे की गिनती के लिए कैश रीसाइक्लर मशीन (सीआरएम) का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए दो मशीनें पहले ही स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि अन्य मशीनों को लगाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। आगामी करीब 15 दिनों में मैनुअल काउंटिंग पूरी तरह बंद करने की तैयारी है।

पहले होती थी हाथ से गिनती

अब तक माता वैष्णो देवी भवन में आने वाले नकद चढ़ावे की गिनती मैनुअल तरीके से की जाती थी। इसके लिए निर्धारित कक्ष में कर्मचारियों द्वारा नोटों की गिनती की जाती थी। पूरी प्रक्रिया पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाती थी। गिनती वाले कक्ष को सुरक्षा व्यवस्था के तहत नियंत्रित रखा जाता था और बाहर से भी अंदर की गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था थी।

मशीनों से तेज और व्यवस्थित होगी प्रक्रिया

नई व्यवस्था लागू होने के बाद नकदी की गिनती मशीनों के माध्यम से की जाएगी। इससे बड़ी मात्रा में आने वाले चढ़ावे की गणना अधिक तेजी और व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी। साथ ही पूरी प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाने से पारदर्शिता और सुरक्षा को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन एवं जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अनुसार, चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को अधिक सरल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

श्राइन बोर्ड की यह पहल माता वैष्णो देवी मंदिर में व्यवस्थाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। तकनीक के इस्तेमाल से जहां कर्मचारियों का समय बचेगा, वहीं श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित चढ़ावे की गणना की पूरी प्रक्रिया पहले से अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।