उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय में लंबित न्यायिक प्रकरणों की मासिक समीक्षा

उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय में लंबित न्यायिक प्रकरणों की मासिक समीक्षा

समयबद्ध जवाब दाखिल करने और अवमानना प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश, सर्वश्रेष्ठ मुख्य विधि सहायक को मिला सम्मान

जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय, जयपुर में बुधवार को लंबित न्यायिक प्रकरणों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेलवे से जुड़े लंबित न्यायिक मामलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रकरणों के त्वरित निस्तारण और न्यायालय के आदेशों की समयबद्ध अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, अपर महाप्रबंधक अशोक माहेश्वरी के निर्देश पर आयोजित बैठक में सभी मुख्य विधि सहायकों को लिम्बस पोर्टल पर न्यायालयीन प्रकरणों की स्थिति वास्तविक समय के आधार पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लंबित मामलों से संबंधित दस्तावेज तत्काल पोर्टल पर अपलोड करने तथा प्रत्येक माह के अंतिम दिन अनुपालन रिपोर्ट प्रधान कार्यालय को भेजने को कहा गया।

अवमानना प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर जोर

बैठक में लंबित अवमानना प्रकरणों की विशेष रूप से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी अवमानना मामलों में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि न्यायालयों के प्रतिकूल आदेशों की स्थिति उत्पन्न न हो और नए अवमानना प्रकरण बनने की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

न्यायिक मामलों में जवाब निर्धारित समय सीमा के भीतर दाखिल करने तथा सिविल न्यायालयों के आदेशों की समयबद्ध अनुपालना सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

10 वर्ष से अधिक पुराने मामलों की केस-टू-केस समीक्षा

उप महाप्रबंधक (विधि) प्रतुल सारोलिया ने लिम्बस पोर्टल पर सभी न्यायिक प्रकरणों की सही और अद्यतन स्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित मामलों से संबंधित दस्तावेज अपलोड करने, अपवाद रिपोर्ट का तत्काल निस्तारण करने और न्यायालयों में जवाब समय पर दाखिल करने पर जोर दिया।

उन्होंने 10 वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की केस-टू-केस समीक्षा करने के निर्देश दिए। संबंधित अधिवक्ताओं और अधिकारियों के साथ समन्वय कर ऐसे पुराने मामलों के शीघ्र निस्तारण के प्रयास करने तथा प्रधान कार्यालय की कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया।

रेलवे अधिवक्ताओं के साथ नियमित बैठक के निर्देश

उप महाप्रबंधक (विधि) ने न्यायिक मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए रेलवे अधिवक्ताओं के साथ नियमित रूप से आंतरिक बैठकें आयोजित करने पर भी जोर दिया। लंबित अवमानना प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित नामित अधिवक्ताओं के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि मामलों में समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

साथ ही न्यायालयों में सभी लंबित प्रकरणों के जवाबनामे एक माह के भीतर दाखिल करने के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

पुरस्कार देकर किया सम्मानित

बैठक के दौरान उप मुख्य विधि अधिकारी अशोक कुमार ने प्रधान कार्यालय की ओर से न्यायिक प्रकरणों की निगरानी के संबंध में जारी निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी मामले में अवार्ड जारी होने के बाद उसे लागू करने अथवा न्यायालय में चुनौती देने का निर्णय भी निर्धारित समय सीमा के भीतर लिया जाना चाहिए।

इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक अशोक माहेश्वरी के अनुमोदन से प्रधान कार्यालय के सामान्य विभाग, जयपुर में कार्यरत बिमलेश बिहारी झा को सर्वश्रेष्ठ मुख्य विधि सहायक चुने जाने पर प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। उन्हें उत्कृष्ट कार्य के लिए दो हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित भी किया गया।

रेलवे प्रशासन ने न्यायिक प्रकरणों की नियमित समीक्षा और समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से लंबित मामलों को तेजी से निस्तारित करने तथा न्यायालयों के आदेशों की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।