ऑपरेशन कनविक्शन के तहत जीआरपी कासगंज की प्रभावी पैरवी से अभियुक्त को 11 माह 11 दिन का कारावास

कासगंज। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत जीआरपी कासगंज की प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय ने मुकदमे में अभियुक्त को कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है।

थाना जीआरपी कासगंज में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 78 वर्ष 2012, भारतीय दंड संहिता की धारा 401 के तहत मौ आसिफ के विरुद्ध दर्ज मामले में प्रथम अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन न्यायिक मजिस्ट्रेट कासगंज के न्यायालय ने शुक्रवार को अभियुक्त मौ आसिफ पुत्र मौ जफर निवासी मोहल्ला चौधरी सराय, थाना कोतवाली बदायूं को 11 माह 11 दिन के कारावास से दंडित किया। न्यायालय ने अभियुक्त पर 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर सात दिवस का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

पुलिस के अनुसार अभियुक्त द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को कारावास की सजा में शामिल किया गया है। जीआरपी कासगंज द्वारा मामले की प्रभावी पैरवी और अभियोजन पक्ष के साथ बेहतर समन्वय के परिणामस्वरूप न्यायालय में अभियोजन पक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखने में सफल रहा।

यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत की गई है। यह अभियान पुलिस महानिदेशक रेलवे, लखनऊ के आदेशानुसार, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे, प्रयागराज के पर्यवेक्षण तथा पुलिस अधीक्षक रेलवे, अनुभाग आगरा के कुशल निर्देशन में चलाया जा रहा है।

प्रकरण में प्रभावी पैरवी एवं अभियोजन कार्य में विपर्णा गौड़, अभियोजन अधिकारी, थानाध्यक्ष कोमल कुन्तल, थाना जीआरपी कासगंज, उपनिरीक्षक राकेश कुमार, तत्कालीन विवेचक तथा हेड कांस्टेबल रामवीरेश यादव, न्यायालय पैरवीकार, थाना जीआरपी कासगंज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।