विद्यार्थियों के कौशल विकास पर दें विशेष ध्यान: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

बुविवि के इकतीसवें दीक्षांत समारोह में
34947 विद्यार्थियों को उपाधि,
79 मेधावियों को मेडल
झांसी। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने आज यहां कहा कि सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना होगा ताकि युवाओं को सही रोजगार मिल सके। उन्होंने उक्त विचार बृहस्पतिवार को यहां बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ३१वें दीक्षांत समारोह में जुटे विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम जन को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि हर विश्वविद्यालय में ऐसे विशेष केंद्र स्थापित हों जो विद्यार्थियों में विशेष प्रकार के कौशल या हुनर विकसित करें। उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मेडल पाने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या ज्यादा होने पर खुशी भी जताई। साथ ही शैक्षणिक संस्थाओं में विद्यार्थियों में लैंगिक संतुलन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिहाज से भी समाज में संतुलन बनाए रखने की जरूरत है। यदि इस क्षेत्र में असंतुलन पैदा हुआ तो दूसरे प्रकार की समस्याएं जन्म लेंगी। उन्होंने गुजरात में लड़कियों के लिए हास्टल बनाए जाने के बाद की प्रगति को सामने रखते हुए समझाया कि यदि लड़कियां बहुत पढ़ लिख जाती हैं तो उनके लिए उपयुक्त वर ढ़ूंढ़ने में मुश्किल पेश आती है। ऐसे में यह जरूरी है कि लड़की और लड़कों दोनों की समुचित शिक्षा पर सभी लोग ध्यान देवें। उन्होंने झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले वंचित समाज के बच्चों के लिए जनभवन में चलाए जा रहे शिक्षण और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी जिक्र किया। दीक्षांत समारोह में उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि हर विश्वविद्यालय हर सत्र में कुछ गांवों को गोद लेकर वहां के बच्चों के शैक्षणिक उन्नयन के लिए प्रयास करें। राज्यपाल ने शिक्षा क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वाले कुछ शिक्षकों को पुरस्कृत भी किया। साथ ही महोबा समेत चार जिलों की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट वितरित किए। दो विद्यालयों की बच्चियों ने क्रमशः पर्यावरण और बुंदेलखंड के शौर्य पर कार्यक्रम भी पेश किए। राज्यपाल ने इन सभी बच्चियों को सम्मानित किया। इस दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि नैक की कार्यकारी समिति के अध्यक्ष प्रो नागेश्वर राव ने विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि नैक में उच्च स्थान पाने वाले विश्वविद्यालयों को अपना मुकाम बनाए रखने के लिए विभिन्न अन्य मानकों पर काम करना होगा। जब शिक्षा और शोध की गुणवत्ता अच्छी होगी तो विदेशों से भी विद्यार्थी अध्ययन को आएंगे। प्रो राव ने विद्यार्थियों को स्वयं और स्वयं प्लस पाठ्यक्रमों से अपना कौशल बढ़ाने का आह्वान किया।
इस समारोह में राजस्थान के लोककलाकार दिनेश सोनी को डी लिट की उपाधि से नवाजा गया।
झांसी स्थित बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के 31वें दीक्षांत समारोह में आज कुल 34,947 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिसमें छात्राओं का दबदबा रहा और कुल डिग्री धारकों में 58.07% महिलाएं शामिल थीं। इन सभी की डिग्रियां डिजीलाकर पर लोड कर दी गई हैं।
समारोह की मुख्य बातें
कुल 34,947 विद्यार्थियों को डिग्री मिली। इनमें 29,919 को स्नातक, 4,945 को परास्नातक और 83 को पीएचडी की उपाधि मिली।डिग्री हासिल करने वालों में छात्राओं की संख्या 20,295 (58.07%) और छात्रों की संख्या 14,652 (41.93%) रही।

ललितपुर के नेहरू महाविद्यालय की एमएससी एग्रीकल्चर की छात्रा आकांक्षा रावत को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की अच्छी व्यवस्थाओं के लिए कुलपति प्रोफेसर मुकेश पाण्डेय की सराहना भी की। कुलपति ने खड़े होकर कुलाधिपति के प्रति आभार जताया। साथ ही साथ राज्यपाल ने विवि की छोटी मोटी कमियों की ओर इशारा करते हुए सुधार को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

शुरुआत में कुलपति प्रोफेसर मुकेश पाण्डेय ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का विस्तार से ब्यौरा पेश किया। उन्होंने यह बताया कि एआई पर आधारित बुविवि का विशेष ऐप द्रोण भी आज लांच किया गया है। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को एआई से कदम ताल करने में सहूलियत होगी।

इस दीक्षांत समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी ने भी विचार रखे। इस समारोह में महापौर बिहारी लाल आर्य, बुविवि के कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी पीके सिंह, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर सभी विभागों के शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।