पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में सुरक्षा का आधुनिकीकरण तेज, अत्याधुनिक सिग्नलिंग और संचार व्यवस्था से परिचालन होगा और बेहतर

गुवाहाटी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और सुचारु बनाने की दिशा में तकनीक आधारित सिग्नलिंग एवं दूरसंचार पहलों को तेजी से लागू किया है। वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 31 जुलाई तक रेलवे के विभिन्न हिस्सों में कई महत्वपूर्ण सिग्नलिंग एवं टेलीकम्युनिकेशन परियोजनाएं शुरू की गईं, जिनसे रेल सुरक्षा, परिचालन दक्षता और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार होगा।

रेलवे की ओर से सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। इस अवधि में 9 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग चालू की गई। इसके अलावा 40 समपार फाटकों को इंटरलॉक किया गया और 39 स्लाइडिंग बूम लगाए गए। इन व्यवस्थाओं से संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने के साथ ट्रेनों के निर्बाध संचालन में भी मदद मिलेगी।

इसी क्रम में अलुआबाड़ी रोड-गाइसल-पांजीपाड़ा रेलखंड पर 29.73 किलोमीटर रूट में स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग शुरू की गई है। इससे ट्रेनों के संचालन में बेहतर समन्वय, सिग्नलिंग क्षमता और परिचालन दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

74 स्टेशनों और 24 समपार फाटकों पर सीसीटीवी

रेल सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने 74 स्टेशनों और 24 समपार फाटकों पर सीसीटीवी प्रणाली भी चालू की है। इससे संबंधित स्थानों की वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।

लामडिंग और तिनसुकिया में आधुनिक संचार प्रणाली

परिचालन को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में लामडिंग और तिनसुकिया मंडलों में वीओआईपी आधारित ट्रेन कंट्रोल कम्युनिकेशन सिस्टम स्थापित कर चालू किया गया है। यह प्रणाली ट्रेन नियंत्रण से जुड़े संचार को अधिक विश्वसनीय बनाने और परिचालन के दौरान बेहतर समन्वय में मदद करेगी।

यात्री सुविधाओं के डिजिटल नेटवर्क को भी किया मजबूत

यात्रियों के लिए डिजिटल सुविधाओं को बेहतर बनाने के तहत 10 टियर-1 स्थानों पर आरसीआईएल यात्री आरक्षण प्रणाली के संचार सर्किट की क्षमता 2 एमबीपीएस से बढ़ाकर 10 एमबीपीएस कर दी गई है। इससे नेटवर्क की क्षमता और विश्वसनीयता में वृद्धि होगी।

इसके अलावा 8 स्टेशनों पर एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली भी उपलब्ध कराई गई है। इससे यात्रियों को ट्रेनों से संबंधित आवश्यक जानकारी समय पर और बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अनुसार, सिग्नलिंग, डिजिटल संचार, निगरानी और यात्री सूचना प्रणालियों के आधुनिकीकरण से रेलवे एक अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और कुशल रेल व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। इन तकनीकी पहलों से न केवल ट्रेन परिचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता मजबूत होगी, बल्कि यात्रियों को भी अधिक बेहतर और आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।