जलगांव–भादली 5वीं लाइन परियोजना में भादली यार्ड रीमॉडलिंग का काम पूरा, रेल परिचालन क्षमता को मिलेगी मजबूती

मुंबई। मध्य रेल ने जलगांव?भादली 5वीं लाइन परियोजना के तहत भादली यार्ड रीमॉडलिंग का महत्वपूर्ण कार्य 12 अगस्त 2026 को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। व्यस्त भुसावल मंडल रेल मार्ग पर ट्रेनों के सुचारु संचालन, क्षमता बढ़ाने और परिचालन में लचीलापन लाने के उद्देश्य से यह कार्य किया गया।

नॉन-इंटरलॉकिंग अवधि के दौरान यार्ड में सात 1 इन 16 टर्नआउट और एक 1 इन 12 टर्नआउट लगाए गए। इसके साथ ही जलगांव?भुसावल डाउन तीसरी लाइन के 510 मीटर हिस्से को शिफ्ट किया गया। डाउन और अप मेन लाइन के 674-674 मीटर हिस्से की रीग्रेडिंग भी की गई। मौजूदा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव करते हुए 35 नए रूट भी बढ़ाए गए।

नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य 11 अगस्त को रात 8:35 बजे शुरू हुआ और 12 अगस्त को शाम 6:55 बजे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इस दौरान कुल 139 ट्रेनों का संचालन किया गया, जिसमें 108 यात्री ट्रेनें और 31 मालगाड़ियां शामिल रहीं। अप दिशा में 70 और डाउन दिशा में 69 ट्रेनों का संचालन हुआ।

कार्य को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए अलग-अलग चरणों में कॉरिडोर ब्लॉक की योजना बनाई गई थी। लगातार बारिश के बावजूद रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों, पर्यवेक्षकों और कामगारों ने समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया।

जलगांव?भादली 5वीं लाइन परियोजना करीब 8.66 से 9 किलोमीटर लंबी महत्वपूर्ण रेलवे अवसंरचना परियोजना है। इसका उद्देश्य भुसावल?जलगांव रेल कॉरिडोर पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करना और ट्रेन परिचालन क्षमता को बढ़ाना है।

भादली यार्ड रीमॉडलिंग का काम पूरा होने के बाद अब जलगांव यार्ड रीमॉडलिंग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। परियोजना के अगले चरण में होने वाला यह कार्य भी रेल परिचालन को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मध्य रेल के अनुसार, इस महत्वपूर्ण कार्य के पूरा होने से जलगांव?भादली सेक्शन में ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी और रेल मार्ग की क्षमता में भी वृद्धि होगी। निर्धारित समय में कार्य पूरा करने के लिए मध्य रेल ने सभी कामगारों, कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों के समर्पण एवं अथक प्रयासों की सराहना की है।