दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की डिजिटल पहल से यात्रियों को बड़ी राहत, टिकटिंग और भुगतान सेवाएं हुईं पहले से अधिक आसान

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के माध्यम से रेल सेवाओं को लगातार आधुनिक और यात्री-अनुकूल बना रहा है। डिजिटल इंडिया मिशन के तहत रेलवे ने डिजिटल टिकटिंग, कैशलेस भुगतान और ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार कर यात्रियों को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।

रेलवे के अनुसार यात्रियों की सुविधा के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 56 स्टेशनों पर 120 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) तथा 12 स्टेशनों पर 26 मोबाइल यूटीएस (एम-यूटीएस) प्रणाली संचालित की जा रही है। डिजिटल टिकटिंग में एटीवीएम सबसे लोकप्रिय माध्यम बनकर उभरा है, जिसके जरिए 37.07 प्रतिशत डिजिटल टिकट जारी किए जा रहे हैं।

टिकट बुकिंग की पहुंच बढ़ाने के लिए रेलवे ने 19 यात्री टिकट सुविधा केंद्र (वाईटीएसके) और 4 जन टिकट बुकिंग सेवक (जेटीबीएस) केंद्र भी संचालित किए हैं, जिससे यात्रियों को अपने नजदीक ही टिकट बुकिंग की सुविधा मिल रही है।

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के क्षेत्र में भी रेलवे ने उल्लेखनीय प्रगति की है। पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) के माध्यम से डिजिटल भुगतान का प्रतिशत वर्ष 2021-22 के 1.58 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई 2026 में 41.61 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वहीं एटीवीएम, यूटीएस और स्टेशन टिकट बुकिंग एजेंटों के माध्यम से भी बड़ी संख्या में यात्री यूपीआई, क्यूआर कोड और अन्य डिजिटल माध्यमों से भुगतान कर रहे हैं।

तत्काल टिकट बुकिंग को और अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए 25 जुलाई 2026 से बिलासपुर आरक्षण कार्यालय में सेल्फ-डिस्पेंसिंग पेपरलेस टोकन सिस्टम भी शुरू किया गया है। इससे भीड़भाड़ कम हुई है और यात्रियों को अधिक सुव्यवस्थित व सुविधाजनक सेवा मिल रही है।

इसके अलावा भारतीय रेलवे का रेलवन ऐप भी यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर टिकट बुकिंग, ट्रेन की जानकारी और रेल मदद जैसी कई महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने कहा कि भविष्य में भी डिजिटल टिकटिंग, कैशलेस भुगतान और आईटी आधारित सेवाओं का विस्तार जारी रहेगा, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, पारदर्शी, तेज और विश्वस्तरीय रेल सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।