वन विभाग के ऑडियो वीडियो हॉल के सभागार में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन। 

वाल्मीकि नगर से अभिमन्यु कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।वन विभाग के ऑडियो वीडियो हॉल के सभागार में वन्यजीव संरक्षण एवं वन्यजीव अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुवार को वन प्रमंडल दो के डीएफओ विकास अहलावत ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्लूटीआई) द्वारा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार के सहयोग से किया जा रहा है।वन प्रमंडल दो के डीएफओ अहलावत ने वन्यजीव अपराधों की रोकथाम में प्रशिक्षित एवं दक्ष वनकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम वन्यजीव संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होता हैं।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में वाल्मीकिनगर के रेंजर सत्यम कुमार, मदनपुर के रेंजर नसीम अहमद अंसारी, चिउटाहा के रेंजर मनोज कुमार, रघिया के रेंजर राजेश राम तथा मंगुराहा के रेंजर अंशुमान कुमार ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त वीटीआर के सभी आठ वन क्षेत्रों से कुल 23 वनपाल एवं वनरक्षी भी इस प्रशिक्षण में शामिल हुए।

प्रशिक्षण के दौरान दुधवा टाइगर रिज़र्व, लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) से आए वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के विधिक परामर्शदाता अधिवक्ता राकेश श्रीवास्तव एवं अधिवक्ता संजय राय ने वन्यजीव अपराधों की विवेचना, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, अभियोजन प्रक्रिया तथा न्यायालयीन मामलों से जुड़े अपने व्यावहारिक अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा किए। उनके विशेषज्ञ मार्गदर्शन का उद्देश्य वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व में वन्यजीव अपराध निवारण तंत्र को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाना है।यहां उल्लेखनीय है कि वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया वर्ष 2021 से वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व में इस प्रशिक्षण श्रृंखला का आयोजन कर रहा है। वर्ष 2022 में प्रथम रिफ्रेशर प्रशिक्षण तथा 2024 में द्वितीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किए गए थे। वर्ष 2026 का यह प्रशिक्षण इस श्रृंखला का तृतीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण है, जिसका उद्देश्य वन्यजीव अपराधों की रोकथाम, जांच, साक्ष्य संकलन तथा कानूनी प्रक्रियाओं से संबंधित कौशल को और अधिक सुदृढ़ करना है।कार्यक्रम का संचालन डब्लूटीआई के वरिष्ठ क्षेत्रीय पदाधिकारी पावेल घोष के द्वारा किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन में फील्ड असिस्टेंट सुनील कुमार, वी थ्री के सदस्य मुरारी कुमार तथा परियोजना सहायक मुकेश कुमार का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।