उत्तर मध्य रेलवे का नया कीर्तिमान: मिर्जापुर–पं. दीनदयाल उपाध्याय रेलखंड पर ‘कवच 4.0’ शुरू, 636 रूट किमी नेटवर्क हुआ सुरक्षित

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे ने रेल सुरक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए मिर्जापुर (समेत)?पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (अपवर्जित) रेलखंड के 64 रूट किलोमीटर पर अत्याधुनिक ?कवच 4.0? प्रणाली का सफलतापूर्वक कमीशनिंग कर दिया है। इसके साथ ही प्रयागराज मंडल में ?कवच? से संरक्षित रेल नेटवर्क बढ़कर 636 रूट किलोमीटर हो गया है, जो भारतीय रेलवे के तकनीक आधारित सुरक्षित रेल संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

'कवच' भारतीय रेलवे द्वारा विकसित स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली है, जो लाल सिग्नल पार करने (SPAD) की घटनाओं को रोकने, ट्रेनों की गति नियंत्रित रखने, संभावित टक्करों को रोकने और लोको पायलट को वास्तविक समय में आवश्यक परिचालन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने का कार्य करती है। यह अत्याधुनिक प्रणाली रेडियो संचार, माइक्रोप्रोसेसर, सेंसर और RFID तकनीक के माध्यम से ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करती है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस नई उपलब्धि से पहले चिपयाना?टूंडला, टूंडला?पनकी धाम और कानपुर?प्रयागराज खंडों पर ?कवच 4.0? सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका था। अब मिर्जापुर?पं. दीनदयाल उपाध्याय खंड के जुड़ने से दिल्ली?हावड़ा उच्च घनत्व रेल कॉरिडोर पर लगभग 636 रूट किलोमीटर का सतत ?कवच? संरक्षित रेल नेटवर्क तैयार हो गया है।

इस परियोजना के दौरान कई तकनीकी उपलब्धियां भी हासिल की गईं। भारतीय रेलवे में पहली बार WAG-9 मालगाड़ी इंजन पर KERNEX निर्मित ?कवच? का सफल कमीशनिंग किया गया। साथ ही नौ इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग स्टेशनों पर ?कवच? का सफल एकीकरण, 1,824 RFID टैग की स्थापना, तीन नए 40 मीटर ऊंचे संचार टावरों का निर्माण तथा आधुनिक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क विकसित किया गया।

पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे, तकनीकी विशेषज्ञों और स्वतंत्र सुरक्षा एजेंसी द्वारा व्यापक परीक्षण किए गए। इनमें सिग्नल पासिंग, गति नियंत्रण, संचार प्रणाली और विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में ?कवच? के प्रदर्शन का सफल परीक्षण किया गया।

महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग, प्रयागराज मंडल और परियोजना टीमों के संयुक्त प्रयास से यह महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

रेलवे का कहना है कि ?कवच 4.0? के विस्तार से दिल्ली?हावड़ा रेल कॉरिडोर पर सुरक्षा और परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही भारतीय रेलवे के ?मिशन रफ्तार? को नई गति मिलेगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आधुनिक एवं विश्वसनीय रेल यात्रा का लाभ मिलेगा।