चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश पड़ी भारी, लोणावला स्टेशन पर रेलकर्मियों की बहादुरी से बची दिव्यांग यात्री की जान

मुंबई। मध्य रेलवे के लोणावला स्टेशन पर दो रेलकर्मियों की सतर्कता, साहस और त्वरित सूझबूझ ने एक दिव्यांग यात्री की जान बचा ली। समय रहते की गई इस बहादुरी भरी कार्रवाई ने एक बड़ा हादसा टाल दिया और रेलवे कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया।

घटना 29 जुलाई 2026 की शाम की है। 11030 कोल्हापुर सीएसएमटी कोयना एक्सप्रेस शाम 6:25 बजे लोणावला स्टेशन पहुंची और निर्धारित समय पर 6:32 बजे रवाना हुई। इसी दौरान बैसाखियों के सहारे चलने वाला एक दिव्यांग यात्री चलती ट्रेन के सामान्य द्वितीय श्रेणी कोच में चढ़ने का प्रयास कर रहा था। संतुलन बिगड़ने से वह फिसलकर गिर पड़ा और उसकी जान पर बन आई।

स्थिति को देखते ही ड्यूटी पर तैनात प्वाइंट्समैन वैलेंटाइन डी'सूजा और रेलवे सुरक्षा बल के जवान सिकंदरा साहनी बिना समय गंवाए दौड़े और अपनी जान की परवाह किए बिना यात्री को चलती ट्रेन की चपेट में आने से पहले सुरक्षित बाहर खींच लिया। उनकी तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।

बचाए गए यात्री की पहचान अमित, निवासी कर्जत, के रूप में हुई है। घटना के बाद वह सदमे में था। रेलवे कर्मचारियों ने उसे तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया, उसका मनोबल बढ़ाया और आगे की यात्रा के लिए अगली ट्रेन में सुरक्षित बैठाने की व्यवस्था भी की।

मध्य रेलवे ने दोनों कर्मचारियों की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सतर्क और समर्पित रेलकर्मी प्रतिदिन लाखों यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे सेवा में जुटे रहते हैं।

रेलवे ने यात्रियों से भी अपील की है कि चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास कभी न करें, क्योंकि ऐसा करना जानलेवा साबित हो सकता है और गंभीर या स्थायी चोट का कारण बन सकता है।