धूम्रपान मुक्त रेलवे की ओर उत्तर पश्चिम रेलवे का बड़ा अभियान, अजमेर मंडल ने सबसे अधिक कार्रवाई कर बनाया रिकॉर्ड

यात्रियों की सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा और स्वच्छ रेल परिसर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा जुलाई 2026 के दौरान चलाए जा रहे धूम्रपान निषेध अभियान को उल्लेखनीय सफलता मिली है। अभियान के तहत ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, जिसमें अजमेर मंडल ने पूरे उत्तर पश्चिम रेलवे में सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

जुलाई माह के अब तक के आंकड़ों के अनुसार अजमेर मंडल ने रेलवे स्टेशनों पर 13 और चलती ट्रेनों में 72 मामलों सहित कुल 85 मामलों में कार्रवाई करते हुए ₹1,70,000 का रिकॉर्ड जुर्माना वसूला। यह उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी मंडलों और विशेष दस्तों में सबसे अधिक है। कुल वसूले गए ₹4,40,000 के जुर्माने में अकेले अजमेर मंडल का योगदान लगभग 38.6 प्रतिशत रहा।

जोधपुर मंडल ने 56 मामलों में कार्रवाई कर ₹1,12,000, जयपुर मंडल ने 39 मामलों में ₹78,000 तथा बीकानेर मंडल ने 20 मामलों में ₹40,000 का जुर्माना वसूला। वहीं मुख्यालय स्तर की पीसीसीएम टीम ने भी 20 मामलों में कार्रवाई करते हुए ₹40,000 का जुर्माना लगाया।

विशेष रूप से चलती ट्रेनों में 72 मामलों में कार्रवाई कर अजमेर मंडल ने यात्रियों की सुरक्षा और अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। रेलवे का मानना है कि ऐसे अभियान न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करते हैं, बल्कि सुरक्षित, स्वच्छ और जिम्मेदार यात्रा संस्कृति को भी मजबूत बनाते हैं।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेनों और स्टेशन परिसरों में धूम्रपान से बचें। रेलवे अधिनियम की धारा 167 के तहत ट्रेनों में धूम्रपान करना दंडनीय अपराध है। सुरक्षित, स्वच्छ और सुखद रेल यात्रा के लिए सभी यात्रियों से रेलवे नियमों का पालन करने का आग्रह किया गया है।