रेल मंत्रालय की ‘लाल बहादुर शास्त्री तकनीकी मौलिक लेखन पुरस्कार योजना–2025’, हिंदी में तकनीकी पुस्तक लेखन पर मिलेगा सम्मान और नकद पुरस्कार

रेल मंत्रालय ने तकनीकी रेल विषयों पर हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ?लाल बहादुर शास्त्री तकनीकी मौलिक लेखन पुरस्कार योजना?2025? के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं। इस योजना में सेवारत और सेवानिवृत्त रेलकर्मियों के साथ-साथ देश के सभी भारतीय नागरिक भाग ले सकते हैं।

योजना के तहत उत्कृष्ट मौलिक पुस्तकों को प्रथम पुरस्कार ₹20,000, द्वितीय पुरस्कार ₹10,000 और तृतीय पुरस्कार ₹7,000 के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक लेखक इसमें भाग ले सकें।

रेल मंत्रालय के अनुसार, प्रतियोगिता में शामिल पुस्तक पूरी तरह मौलिक होनी चाहिए। किसी अन्य भाषा से अनूदित, संपादित या इंटरनेट से कॉपी की गई पुस्तकों पर विचार नहीं किया जाएगा। केवल वे पुस्तकें पात्र होंगी, जिनका लेखन या प्रकाशन 1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2025 के बीच पूरा हुआ हो।

पुस्तक का विषय रेल संचालन, रेल प्रबंधन या भारतीय रेल से जुड़े अन्य तकनीकी विषयों पर आधारित होना चाहिए। पुस्तक कम से कम 100 पृष्ठों की होनी चाहिए। जिन पुस्तकों को पहले किसी सरकारी पुरस्कार योजना के तहत सम्मान मिल चुका है या जो इस योजना में पहले प्रस्तुत की जा चुकी हैं, उन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इच्छुक प्रतिभागी अपनी पुस्तक की दो मुद्रित अथवा टंकित प्रतियों, निर्धारित आवेदन पत्र और घोषणा पत्र के साथ 31 अगस्त 2026 तक निदेशक (राजभाषा), रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड), रेल भवन, नई दिल्ली के पते पर भेज सकते हैं।

रेल प्रशासन ने साहित्यकारों, तकनीकी विशेषज्ञों, रेलकर्मियों और हिंदी में तकनीकी लेखन से जुड़े सभी इच्छुक नागरिकों से इस प्रतिष्ठित योजना में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। यह योजना हिंदी में तकनीकी साहित्य को समृद्ध करने और भारतीय रेल के ज्ञान-विज्ञान को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।