स्कूली बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए सेक्रो की प्रेरक पहल, 'स्वयं को सक्षम बनाएं' कार्यशाला आयोजित

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन (सेक्रो) मुख्यालय की ओर से स्कूली बच्चों के सर्वांगीण विकास और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से "स्वयं को सक्षम बनाएं (Empower Yourself)" विषय पर प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया। नॉर्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट (एनईआई) सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सेक्रो की अध्यक्षा श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे में अद्वितीय प्रतिभा और असीम संभावनाएं होती हैं। जरूरत केवल अपनी क्षमताओं को पहचानने, उन्हें लगातार विकसित करने और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की है। उन्होंने विद्यार्थियों से हर अवसर का बेहतर उपयोग कर जीवन में सफलता हासिल करने का आह्वान किया।

कार्यशाला के मुख्य वक्ता अनिल रामटेके और शैलेश रामटेके ने विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास, सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन, अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया। अनिल रामटेके ने प्रेरक उदाहरणों के माध्यम से चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने और निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी, जबकि शैलेश रामटेके ने टालमटोल की आदत से बचने, समय का सदुपयोग करने और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में सेक्रो की सदस्याओं के साथ वरिष्ठ उप महाप्रबंधक सुरेश चंद्रा, प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक ए.के. मेश्राम सहित रेलवे के कई अधिकारी भी उपस्थित रहे।

कार्यशाला के समापन पर विद्यार्थियों और उपस्थित अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।