गंडक बराज से छूटा 1 लाख 36 हजार 2 सौ क्यूसेक पानी,गंडक बराज के जलस्तर में उतराव चढ़ाव जारी।

  • गंडक बराज द्वारा छोड़े गए पानी से तटवर्ती गांव में जल जमाव की आंशका प्रबल।

वाल्मीकि नगर से अभिमन्यु कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।भारत -नेपाल सीमा के ऐतिहासिक गंडक बराज से सोमवार की दोपहर 1 लाख 36 हजार 2 सौ क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया। जिससे तटवर्ती वन क्षेत्र समेत पड़ोसी राज्य उत्तर-प्रदेश के समीपवर्ती क्षेत्रों में पानी का जमाव होने की आशंका प्रबल हो गई है।गंडक बराज के अधिकारियों की माने तो नेपाल में हो रही रुक-रुक झमाझम बारिश से गंडक बराज के जलस्तर में उतार चढ़ाव लगातार जारी है। जलस्तर में हो रही उतार चढ़ाव को देखते हुए सीमावर्ती जिला के तराई और पहाड़ी क्षेत्रों में भी जनजीवन अस्त व्यस्त होने की संभावना बढ़ गई है।नेपाल से छूटे पानी के कारण गंडक बराज का जलस्तर सोमवार की सुबह से लगातार बढ़ने के क्रम में है। और उम्मीद जताई जा रही है, कि देर शाम तक गंडक बराज का जल स्तर 1 लाख 50 हजार क्यूसेक के पार भी जा सकता है। जिसके कारण पानी के डिस्चार्ज में और भी बढ़ोतरी हो सकती है। बीते तीन चार दिनों से लगातार गंडक बराज के जलस्तर में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अब भी नेपाल के तराई और पहाड़ी क्षेत्रों में रुक-रुक कर लगातार बारिश हो रही है। जिसके कारण गंडक बराज के जल स्तर के बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस बिंदु को ध्यान में रखते हुए गंडक बराज के सभी कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है। चकदहवा,बीन टोली,कान्हीं टोली,और ठाड़ी गांव में बढ़ा पानी घुसने का खतरा :-

गंडक बराज का जलस्तर बढ़ने से थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर रमपुरवा पंचायत अंतर्गत गंडक नदी के तटवर्ती गांव चकदहवा,कान्ही टोला और बीन टोली गांव सहित ठाडी गांव में पानी घुसने का आशंका बढ़ चली है। साथ ही अगर गंडक नदी के जलस्तर में और वृद्धि होती है तो, नदी का पानी टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्र के चुलभठ्ठा के जंगल में प्रवेश कर जाएगा।जिससे वन्य जीवों पर भी आफत की तलवार लटक सकती है।

इस बाबत सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता मोहम्मद इकबाल अनवर ने बताया कि गंडक बराज के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। कर्मियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।