डीएफसी ने बदली माल ढुलाई की तस्वीर, तकनीकी संगोष्ठी में साझा हुई सफलता की कहानी

डीएफसी ने बदली माल ढुलाई की तस्वीर, तकनीकी संगोष्ठी में साझा हुई सफलता की कहानी

प्रयागराज। भारतीय कंक्रीट संस्थान (आईसीआई) प्रयागराज केंद्र द्वारा आयोजित "टेक कनेक्ट" सेमिनार में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) की सफलता और भारतीय रेलवे के माल परिवहन में आए बदलावों पर विस्तृत चर्चा की गई। जेके सीमेंट लिमिटेड के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में डीएफसीसीआईएल के महाप्रबंधक (परिचालन एवं व्यवसाय विकास) मन्नू प्रकाश दूबे ने मुख्य वक्ता के रूप में डीएफसी परियोजना की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के संचालन से मालगाड़ियों को अलग रेलमार्ग मिलने के कारण माल परिवहन तेज और अधिक कुशल हुआ है। इससे सामान्य रेलमार्गों पर दबाव कम हुआ है, यात्री ट्रेनों की समयपालन क्षमता में सुधार आया है और नई यात्री सेवाएं शुरू करने की संभावनाएं बढ़ी हैं।

श्री दूबे ने कहा कि डीएफसी में आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। साथ ही गति शक्ति कार्गो टर्मिनल, निजी साइडिंग, 'ट्रक ऑन ट्रेन' (रो-रो सेवा) और पार्सल सेवाओं जैसी पहलें देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत बना रही हैं। उन्होंने बताया कि डीएफसी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर के ताप विद्युत संयंत्रों तक कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने जानकारी दी कि 12 जुलाई 2026 को ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने एक ही दिन में विभिन्न जोनल रेलों के साथ 526 मालगाड़ियों का इंटरचेंज कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया, जो इसकी बढ़ती परिचालन क्षमता का प्रमाण है।

कार्यक्रम का शुभारंभ आईसीआई प्रयागराज के सचिव मयंक त्रिपाठी के स्वागत भाषण से हुआ। इसके बाद आईसीआई प्रयागराज के चेयरमैन गुलाब चंद्र दुबे, डीएफसीसीआईएल के मुख्य महाप्रबंधक ए.बी. सरन, जेके सीमेंट के जोनल हेड ई. रंजय कुमार, पश्चिम मध्य रेलवे के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता अनिल कुमार पांडे तथा मन्नू प्रकाश दूबे ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

संगोष्ठी में इंजीनियरिंग विशेषज्ञ आनंद भूषण पांडे ने यमुना और टोंस नदियों पर बने डीएफसी पुलों के निर्माण अनुभव साझा किए, जबकि अनिल कुमार पांडे ने कॉरिडोर में इस्तेमाल किए गए स्टील गर्डर्स की तकनीकी विशेषताओं पर जानकारी दी। कार्यक्रम में डीएफसीसीआईएल और रेलवे के कई वरिष्ठ इंजीनियरों एवं अधिकारियों ने भाग लेकर तकनीकी चर्चा को समृद्ध बनाया।