चकदहवा गांव का सड़क पूरी तरह जर्जर,स्वास्थ्य जांच व बाजार करने के लिए आने जाने में ग्रामीणो को उठाना पड़ रहा है कठिनाइयों का सामना।

वाल्मीकि नगर से अभिमन्यु कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।प्रखंड बगहा दो के अंतर्गत वाल्मीकि थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर रमपुरवा पंचायत के चकदहवा गांव समेत बीन टोला, कान्ही टोला, झंडू टोला में निवास करने वाले लगभग सैकड़ों ग्रामीणों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला एक मात्र सड़क रहुआ टोला संपर्क मार्ग के बाढ़ के पानी के कारण मार्ग जर्जर हो जाने से काफी परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है।ज्ञात हो कि रहुआ टोला से चकदहवा जाने वाला संपर्क मार्ग टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। सड़क कच्ची होने के कारण बरसात और बाढ़ के दिनों में मार्ग पूरी तरह जर्जर हो जाता है। जिससे ग्रामीणों को पैदल आवागमन करना भी मुश्किल भरा हो जाता है।

*मुख्यधारा से कटा है यह गांव*

बताते चलें कि अभी भी इस गांव में ग्रामीणों को बिजली,स्वास्थ्य सहित अन्य मूल भूत सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। गांव में लगे एकमात्र सोलर प्लांट से ग्रामीणों को प्रकाश की व्यवस्था की जाती है, यह सोलर प्लांट भी प्रायः खराब ही रहता है।

इस गांव में निवास करने वाले लोगों को अपनी जरूरत के सामानों की खरीदारी तथा बीमारी के इलाज के लिए नजदीक के बाजार वाल्मीकिनगर और भेड़िहारी जाने के लिए इस मार्ग का उपयोग करना पड़ता है।गांव में अब तक कोई सरकारी चिकित्सा केंद्र नहीं होने के कारण किसी भी बीमारी के इलाज के लिए गांव से लगभग 14 किलोमीटर की दुरी पर स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वाल्मीकिनगर है जहां मरीजों को जाना होता है। जिससे आपात स्थिति में किसी की तबीयत खराब होने पर पैदल भी स्वास्थ्य केंद्र नहीं पहुंचा जा सकता है।इस बाबत पूछे जाने पर पंचायत के पूर्व बीडीसी गुलाब अंसारी ने बताया कि रास्ता पुरी तरह जर्जर हो चुका है।जिससे ग्रामीणों को खासी परेशानियां हो रही है।वहीं बरसात के दिनों में गंडक बराज से छुटे बाढ़ का पानी गांव में घुस जाता है।और पानी कम होने पर खेतीयोग जमीन का कटाव होने लगता है।जिससे ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।