उत्तर मध्य रेलवे के आठ अमृत स्टेशन तैयार, विरासत के साथ विकास को मिलेगी नई रफ्तार

उत्तर मध्य रेलवे के आठ अमृत स्टेशन तैयार, विरासत के साथ विकास को मिलेगी नई रफ्तार

प्रयागराज। भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तर मध्य रेलवे के आठ प्रमुख रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान के साथ नए स्वरूप में तैयार हो गए हैं। 17 जुलाई 2026 को देशभर में 75 पुनर्विकसित स्टेशनों के लोकार्पण के साथ उत्तर मध्य रेलवे के फतेहपुर, पनकी धाम, विन्ध्याचल, डीग, भिंड, महाराजा छत्रसाल (छतरपुर), टीकमगढ़ और हरपालपुर रेलवे स्टेशन भी यात्रियों को समर्पित किए जाएंगे।

रेलवे के अनुसार, इन स्टेशनों का पुनर्विकास केवल आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय इतिहास, संस्कृति और विरासत को भी नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्षेत्रीय पर्यटन, व्यापार, संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

फतेहपुर रेलवे स्टेशन का लगभग 33.10 करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया गया है। यहां नया स्टेशन भवन, दूसरा प्रवेश द्वार, विस्तृत पार्किंग, 12 मीटर चौड़ा फुटओवर ब्रिज और आधुनिक यात्री सुविधाएं विकसित की गई हैं।

पनकी धाम रेलवे स्टेशन को लगभग 24.94 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्वरूप दिया गया है। चौड़े प्लेटफॉर्म, आधुनिक प्रतीक्षालय, लिफ्ट, नए फुटओवर ब्रिज और बेहतर सर्कुलेटिंग एरिया से श्रद्धालुओं और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

विन्ध्याचल रेलवे स्टेशन का लगभग 23.24 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया गया है। मां विंध्यवासिनी धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ स्थानीय कला और धार्मिक विरासत को भी स्टेशन की डिजाइन में शामिल किया गया है।

डीग रेलवे स्टेशन को लगभग 15.24 करोड़ रुपये की लागत से नया स्वरूप मिला है। आधुनिक स्टेशन भवन, उन्नत प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, लिफ्ट और पार्किंग व्यवस्था से पर्यटन और स्थानीय आवागमन दोनों को लाभ होगा।

भिंड रेलवे स्टेशन का लगभग 20.23 करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया गया है। आधुनिक फसाड, उन्नत प्रतीक्षालय, 12 मीटर चौड़ा फुटओवर ब्रिज और दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं इसे अधिक सुरक्षित और यात्री-केंद्रित स्टेशन बनाती हैं।

महाराजा छत्रसाल (छतरपुर) रेलवे स्टेशन लगभग 16.78 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। नया स्टेशन भवन, लिफ्ट, फुटओवर ब्रिज और आकर्षक डिजाइन बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासत को नई पहचान दे रहे हैं।

टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन पर लगभग 16.77 करोड़ रुपये खर्च कर आधुनिक फसाड, हरित परिसर, उन्नत यात्री सुविधाएं और बेहतर स्टेशन अवसंरचना विकसित की गई है। वहीं हरपालपुर रेलवे स्टेशन का लगभग 11.74 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास कर नया स्टेशन भवन, विस्तारित प्लेटफॉर्म शेल्टर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

रेलवे का कहना है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित ये स्टेशन केवल रेल यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं का केंद्र नहीं होंगे, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों की सांस्कृतिक पहचान, पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई दिशा देंगे। उत्तर मध्य रेलवे के ये आठ अमृत स्टेशन 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने की दिशा में भारतीय रेलवे की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माने जा रहे हैं।