आवारा कुत्तों के झुंड में घिरा मिला दुर्लभ प्रजाति का कछुआ।

  • वन कर्मीयों ने दुर्लभ प्रजाति के कछुआ को सुरक्षित पकड़ कर छोड़ जंगल में।

वाल्मीकि नगर से अभिमन्यु कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।वाल्मीकि नगर के सिंचाई विभाग के ऊपरी शिविर तीन नंबर पहाड़ के गंडक कॉलोनी में मंगलवार की शाम एक दुर्लभ प्रजाति का कछुआ मिलने से लोगों में उत्सुकता का माहौल बन गया। दुर्लभ प्रजाति का यह कछुआ कुत्तों के झुंड से घिरा हुआ था। और कुत्तों के द्वारा उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश कि जा रहा थी। जिससे उसकी जान पर खतरा मंडरा रहा था।कुत्तों के लगातार भौंकने का आवाज सुनकर गंडक कॉलोनी के स्थानीय लोग अपने घर से बाहर निकले। मौके पर पहुंचने पर लोगो ने देखा कि कई कुत्तों ने एक कछुआ को घेर रखा है। लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कुत्तों को खदेड़ कर कछुआ की सुरक्षित जान बचाई। तथा इसकी सूचना तत्काल वन विभाग के कार्यालय को दिया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने वनपाल आशीष कुमार के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंची।और दुर्लभ प्रजाति के इस कछुआ को अपने संरक्षण में ले लिया। इस बावत वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र के रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि यह सूखा भूमि पर रहनेवाला दुर्लभ प्रजाति का इंडोटेस्टुंडो इलंगोटा कछुआ है। यह दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों भारत, बांग्लादेश, इंडोनेशिया आदि देश में पाया जाता है। इसकी प्रजाति लुप्त होने के कगार पर है। कछुआ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के घने जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया है। वन विभाग ने लोगों की सतर्कता और वन्य जीव संरक्षण के प्रति जागरूकता की सराहना करते हुए अपील किया है,कि यदि कही भी दुर्लभ वन्य जीव दिखाई दे तो उन्हें नुकसान नही पहुंचाये। बल्कि इसकी सूचना वन विभाग को दे। ताकि वन्य जीव को सुरक्षित रूप से उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके।