शादी का झांसा देकर दरोगा ने किया दुष्कर्म SSP ने किया सस्पेंड गर्भपात और धमकी के आरोपों की होगी विभागीय जांच

बरेली। खाकी पर भरोसा कर न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंची एक महिला ने बरेली में तैनात रहे एक दरोगा पर दुष्कर्म, शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण, जबरन गर्भपात कराने और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पूरे मामले की शिकायत डीआईजी अजय कुमार साहनी से कर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की थी। मामले ने तूल पकड़ने के बाद अब एसएसपी अनुराग आर्य ने आरोपी दरोगा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। महिला ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि वर्ष 2022 से उसका पति से विवाद चल रहा है और वह अलग रह रही है। वर्ष 2025 में पति के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए वह बारादरी थाने गई थी। वहीं उसकी मुलाकात तत्कालीन दरोगा नरेश बाबू से हुई। आरोप है कि दरोगा ने मुकदमा दर्ज कराने में मदद और हर कदम पर साथ देने का भरोसा देकर उससे लगातार संपर्क बनाए रखा। नौकरी दिलाने और शादी का वादा कर बढ़ाईं नजदीकियां महिला का आरोप है कि आरोपी ने पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और खुद को पत्नी से अलग रहने वाला बताते हुए जल्द तलाक लेकर उससे शादी करने का वादा किया। इसी भरोसे के आधार पर उसने महिला का विश्वास जीत लिया और उसके घर आना-जाना शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि अगस्त 2025 में आरोपी उसके घर आया और रात रुकने के दौरान उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने शादी का भरोसा देकर मामला दबाने की बात कही। इसके बाद उसने कई बार महिला के घर और पुलिस चौकी कांकर टोला स्थित सरकारी आवास में भी शारीरिक संबंध बनाए। गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराने का आरोप महिला जब गर्भवती हुई तो आरोपी ने कथित रूप से मेडिकल स्टोर से दवा लाकर उसे जबरन खिलाई, जिससे गर्भपात हो गया। तबीयत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। महिला ने इसे जबरन गर्भपात कराने का मामला बताया है। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी उसके घर में रहने के दौरान करीब आठ लाख रुपये के सोने के आभूषण बिना बताए अपने साथ ले गया। जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने धीरे-धीरे पैसे लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन जेवर वापस नहीं किए। शादी की बात पर धमकियां देने का आरोप महिला का कहना है कि जब उसने शादी का वादा पूरा करने के लिए दबाव बनाया तो आरोपी टालमटोल करने लगा। विरोध करने पर उसने झूठे मुकदमे में फंसाने, एससी-एसटी एक्ट लगाने और जान से मरवाने तक की धमकी दी। महिला का आरोप है कि आरोपी अक्सर अपने पुलिस विभाग में प्रभाव का हवाला देकर कार्रवाई से बच निकलने की बात कहता था। शिकायत में आरोपी की पत्नी और दोनों बेटों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। महिला का कहना है कि मई 2026 में आरोपी अपने परिवार के साथ उसके घर पहुंचा, जहां उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी पक्ष वहां से चला गया। घायल होने पर इलाज कराने का भी किया दावा महिला ने दावा किया है कि हाल ही में सड़क दुर्घटना में घायल होने पर उसी ने आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया, इलाज का खर्च उठाया और देखभाल की। बाद में आरोपी के परिजन अस्पताल पहुंचे और उसके साथ अभद्रता करते हुए धमकियां दीं। महिला ने डीआईजी से निष्पक्ष जांच कर आरोपी उपनिरीक्षक के खिलाफ दुष्कर्म, जबरन गर्भपात कराने, धोखाधड़ी, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। साथ ही अपनी जान-माल की सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। SSP की बड़ी कार्रवाई, दरोगा निलंबित मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने वर्तमान में सिरौली थाने में तैनात उपनिरीक्षक नरेश बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसएसपी ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं। जांच अधिकारी के रूप में एसपी साउथ अंशिका वर्मा को नामित किया गया है। एसएसपी का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।