हरदोई में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की हुंकार, बोले- गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करे सरकार, तभी मिलेगा सनातनियों का समर्थन

हरदोई। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हरदोई दौरे के दौरान गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग दोहराते हुए कहा कि जो भी राजनीतिक दल गौमाता के सम्मान और संरक्षण की बात करेगा, सनातनी हिंदुओं का समर्थन उसी को मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी प्राथमिकता किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं, बल्कि गौ संरक्षण का मुद्दा है।
शंकराचार्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को धर्मस्थलों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग भाजपा का समर्थन नहीं करते, उन्हें देशद्रोही, नक्सली या किसी अन्य दल का समर्थक बता दिया जाता है।
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंदा चोरी के मामले पर उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया के सामने चंपत राय व ट्रस्ट के अन्य लोगों द्वारा दिए गए बयानों से वह सहमत नहीं हैं और यदि चोरी या गड़बड़ी के आरोप सही हैं तो किसी को भी बचाने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट से जुड़े जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, यदि वे दोषी पाए जाते हैं तो उन पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को इस मुद्दे पर रिजेक्ट किया था और अब भाजपा को भी रिजेक्टेड करते हैं। उनका कहना था कि जो भी दल गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग का समर्थन करेगा, वह उसका साथ देंगे। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान में केवल हिंदू ही नहीं, बल्कि मुस्लिम समाज के लोग भी उनका समर्थन कर रहे हैं।
शंकराचार्य ने बताया कि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए उनका जनजागरण अभियान लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 300 से अधिक सीटों का दौरा कर चुके हैं। 24 जुलाई को वह लखनऊ पहुंचेंगे, जहां संत समाज और समर्थकों के साथ बैठक कर आंदोलन की आगामी रणनीति तय करेंगे। उन्होंने कहा कि गौमाता के सम्मान और संरक्षण के लिए उनका अभियान आगे भी पूरे प्रदेश में जारी रहेगा।