रेलकर्मियों के सपनों का नया पता बनी बालोतरा की मॉडल रेलवे स्टाफ कॉलोनी, आधुनिक सुविधाओं से बदली तस्वीर

रेलकर्मियों के सपनों का नया पता बनी बालोतरा की मॉडल रेलवे स्टाफ कॉलोनी, आधुनिक सुविधाओं से बदली तस्वीर

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल करते हुए बालोतरा रेलवे स्टाफ कॉलोनी का व्यापक कायाकल्प किया है। आधुनिक सुविधाओं, हरियाली, बेहतर बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक सौंदर्यीकरण से सुसज्जित यह कॉलोनी अब रेलकर्मियों के लिए केवल आवासीय परिसर नहीं, बल्कि बेहतर जीवनशैली का प्रतीक बन गई है।

कॉलोनी में करीब 25 स्टाफ क्वार्टरों का व्यापक नवीनीकरण किया गया है। पुराने भवनों को आधुनिक स्वरूप देते हुए विट्रिफाइड टाइल्स, नए रंग-रोगन, मजबूत छत, आधुनिक रसोई और स्नानघर जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इनमें से 8 क्वार्टरों को मॉडल आवास के रूप में तैयार कर रेलवे आवासों के लिए नया मानक स्थापित किया गया है।

कॉलोनी के बुनियादी ढांचे में भी व्यापक सुधार किए गए हैं। सभी प्रमुख मार्गों पर आरसीसी सड़कें बनाई गई हैं तथा पूरी कॉलोनी में ग्रिट बिछाकर धूल की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया गया है। साथ ही राजस्थानी लोक संस्कृति पर आधारित आकर्षक वॉल पेंटिंग्स ने परिसर को नई सांस्कृतिक पहचान प्रदान की है।

रेलकर्मियों और उनके परिवारों के लिए करीब 11040 मीटर क्षेत्र में विकसित हराभरा पार्क विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां बच्चों के लिए झूले और खेल उपकरण, जबकि युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए ओपन जिम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा पुस्तकालय, खेल सुविधाओं और वातानुकूलित अध्ययन कक्ष से युक्त आधुनिक अभिरुचि केंद्र बच्चों और युवाओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने जोधपुर मंडल के निरीक्षण के दौरान बालोतरा मॉडल स्टाफ कॉलोनी का अवलोकन किया। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने उन्हें कॉलोनी में किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी। निरीक्षण के बाद महाप्रबंधक ने इस परियोजना को कर्मचारी कल्याण की दिशा में आदर्श, प्रेरणादायी और अन्य रेल मंडलों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताते हुए जोधपुर मंडल की सराहना की।

बालोतरा मॉडल रेलवे स्टाफ कॉलोनी यह संदेश देती है कि जब कर्मचारियों को बेहतर आवास, स्वच्छ वातावरण, आधुनिक सुविधाएं और परिवार के लिए अनुकूल माहौल मिलता है, तो वह केवल रहने का स्थान नहीं रहता, बल्कि एक सच्चे घर का एहसास बन जाता है। यही सोच इस मॉडल कॉलोनी को उत्तर पश्चिम रेलवे की एक प्रेरक उपलब्धि बनाती है।