पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की बड़ी कार्रवाई: छह दिनों में 43.92 लाख रुपये की प्रतिबंधित सामग्री बरामद, 17 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की बड़ी कार्रवाई: छह दिनों में 43.92 लाख रुपये की प्रतिबंधित सामग्री बरामद, 17 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू

मालीगांव। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के रेलवे सुरक्षा बल ने 25 से 30 जून 2026 के बीच अपराध और गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की। छह दिनों तक चले अभियान में आरपीएफ ने 43.92 लाख रुपये से अधिक मूल्य की प्रतिबंधित एवं कीमती सामग्री बरामद की, 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा 17 असुरक्षित लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया।

आरपीएफ ने इस अवधि में कुल 36 सफल अभियान चलाए। कार्रवाई के दौरान करीब 41.99 लाख रुपये मूल्य का 83.984 किलोग्राम गांजा, 39 हजार रुपये से अधिक मूल्य की 343 बोतलें और एक कैन अवैध शराब/बीयर, 1.12 लाख रुपये से अधिक मूल्य के 7 मोबाइल फोन, दो अवैध रेल टिकट तथा 35 हजार रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई।

आरपीएफ ने 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो नशीले पदार्थों की तस्करी, टिकटों की कालाबाजारी, चोरी, पत्थरबाजी तथा रेल अधिनियम और अन्य कानूनों के तहत अपराधों में शामिल पाए गए।

मानवीय दायित्व निभाते हुए आरपीएफ ने 17 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया, जिनमें 15 नाबालिग और 2 असुरक्षित वयस्क शामिल थे। सभी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, चाइल्डलाइन, वन स्टॉप सेंटर, स्वयंसेवी संस्थाओं अथवा उनके परिजनों को सुरक्षित सौंप दिया गया। इसके अलावा, डालखोला रेलवे स्टेशन पर एक घायल यात्री को समय पर प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराकर अस्पताल पहुंचाया गया।

रेल संपत्तियों की सुरक्षा के तहत आरपीएफ ने स्थानीय प्रशासन, आरपीएसएफ, जीआरपी और पुलिस के सहयोग से सफराई रेलवे स्टेशन पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। इस दौरान 61 अवैध निर्माण हटाकर लगभग 5,600 वर्ग मीटर रेलवे भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने कहा है कि आरपीएफ यात्रियों की सुरक्षा, रेल संपत्तियों की रक्षा और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरंतर सतर्क है। रेलवे ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना रेल मदद, रेलवे हेल्पलाइन 139 या निकटतम आरपीएफ कर्मियों को दें, ताकि सभी के लिए सुरक्षित रेल वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।