पीलीभीत में आगामी कांवड यात्रा की तैयारियों के क्रम में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के द्वारा अधिकारियों के साथ हुई सम्पन्न। बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए गए दिशा निर्देश। आगामी त्योहार

लोकेशन/पीलीभीत
रिपोर्टर/ राजेश गुप्ता
मो 9719672920


पीलीभीत में आगामी कांवड यात्रा की तैयारियों के क्रम में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के द्वारा अधिकारियों के साथ हुई सम्पन्न।
बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए गए दिशा निर्देश।

आगामी त्योहारों एवं परीक्षाओं के मद्देनज़र मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र सिंह के द्वारा जनपद में धारा 163 प्रभावी की गई।

जानिए किन-किन नियमों का करना होगा पालन।

04 जुलाई 2026/जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में कांवड़ यात्रा की तैयारियों से सम्बन्धित बैठक अधिकारियों के साथ गांधी सभागार में सम्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरती जाने की आवश्यकता है, अफवाह फैलाने वाले लोगों पर ध्यान दिया जाए तथा उनके विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि समाज के संभ्रांत व्यक्तियों के संपर्क में रहे और कहीं पर कोई दिक्कत आए तो समस्या का तुरंत समाधान करें। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारी को निर्देश दिये कि धार्मिक स्थलों के आसपास सफाई व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था आदि कराना सुनिश्चित किया जाये। बैठक अधिशासी अभियन्ता विद्युत को निर्देशित किया गया कि विद्युत व्यवस्था की पूर्ति सुनिश्चित की जाए, कावंड यात्रा के निर्धारित रूटो/धार्मिक स्थलों के पास ढीले विद्युत तारों को ठीक करा दिया जाये। उन्होंने चिकित्सा विभाग को निर्देश दिये कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्ग पर एम्बुलेंस व्यवस्था कराई जाए तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर डाॅक्टर उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि जो मार्ग मरम्मत कराने योग्य हो उन्हें शीघ्र ठीक करा लिया जाये। उन्होंने अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया कि कांवड यात्रा के लिए जो भी मार्ग निर्धारित हैं उन्हें गढ्ढा मुक्त कराना सुनिश्चित किया जाये। मण्डी में कांवड यात्रियों हेतु पेयजल, शौचालयएवं साफ सफाई व्यवस्था कराई जाए तथा मण्डी में खाद्य सुरक्षा टीम उपलब्ध रहे भोजन की जाॅच टीम के द्वारा की जाए। कावंड यात्रा के निर्धारित रूट पर मीट की दुकानें बन्द रखी जाए। डीएफओ को निर्देश दिये कि पेड़ की टहनियों की छटनी कराई जाये। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि पीलीभीत, पूरनपुर, बीसलपुर में अभियान चलाकर निराश्रित गौवंशों को पकड़वाकर गौशाला भिजवाया जाए। एआरटीओ को निर्देश दिये कि चिन्हित ब्लैक स्पाॅट पर सुधारात्मक कार्यवाही की जाए। पुलिस अधीक्षक ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए डीजे संचालकों के साथ एक बैठक आयोजित की जाये। उन्होंने उप जिलाधिकारियों, सीओ को निर्देश दिये अपने अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर लें समय रहते व्यवस्थाऐं पूर्ण कर ली जाये। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवरियों के लिए जो रूट निर्धारित किए गए हैं उन पर विशेष निगरानी रखी जाए जिससे कि किसी प्रकार की समस्या ना होने पाए।

बहीं इसके अलावा 4 जुलाई 2026/ माह में कांवड यात्रा, स्वतंत्रता दिवस, ईद-ए-मिलाद/बारावफात, रक्षाबन्धन तथा अनेक प्रतियोगी परीक्षायें सम्पन्न होना है। विभिन्न माध्यमों से सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं कि कतिपय संगठन अपने निहित स्वार्थो की पूर्ति के लिये अराजक/असमाजिक तत्वों के सहयोग से समाज में विभिन्न जातियों, सम्प्रदायों तथा जन सामान्य के मध्य वैमनस्य द्वेष व दुर्भावना का वातावरण उत्पन्न करने का प्रयास कर सकते हंै और लोक प्रशान्ति विक्षुब्ध करने हेतु प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से संलिप्त हो सकते है। उपरोक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुये ज्ञानेन्द्र सिंह, जिला मजिस्टेट, पीलीभीत ने जनपद में धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) लागू कर दी गई है। जो तत्काल प्रभाव से लागू होंगी तथा यदि इन्हें संशोधित नहीं किया जाता है या वापस न लिया जाये तो दिनांक 29.08.2026 तक यथावत लागू रहेंगी।
कोई भी व्यक्ति उक्त अवधि में लाठी, डंडा बन्दूक, रिवाल्वर/पिस्टल अन्य आगनेयास्त्र तलवार, 04 इंच से अधिक फलवाला चाकू आदि लेकर नही चलेगा और नही ऐसा प्रदर्शन करेगा। राज्य कर्मचारी जिनको अपने शासकीय कर्तव्य हेतु हथियार की आवश्यकता हो, को छोड़कर अन्य व्यक्ति उक्त हथियार सार्वजनिक स्थान या मार्ग पर लेकर नहीं चलेंगे। अन्धे और कमजोर व्यक्ति के सहारे के लिए डन्डा व सिक्खों को कृपाण लेकर चलने की अनुमति होगी। किसी सार्वजनिक स्थानों पर पांच या पंाच से अधिक व्यक्ति एकत्रित नही होगें। यह प्रतिबन्ध सरकारी कार्य के सम्बन्ध में एकत्रित कर्मचारियों/व्यक्तियों पर लागू नहीं होगा। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त किये बिना जलसा, जूलुस, जनसभा आदि का आयोजन नहीं किया जायेगा। किसी भी जुलूस/समारोह एवं किसी भी धार्मिक स्थल पर किसी प्रकार की कोई नई परम्परा नहीं डाली जायेगी। कोई भी व्यक्ति बिना लाइसेन्स तेजाब या अन्य विस्फोटक सामग्री एवं शीशे के टुकडे, ईंट, पत्थर आदि अपने घरों के सामने सार्वजनिक स्थानों या छतों पर हिंसा के उद्देश्य से संग्रहित नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति लाउडस्पीकर अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्र का का प्रयोग बिना समक्ष अधिकारी की अनुमति के नही करेगा और न ही कोई व्यक्ति तेज आवाज वाले पटाखें आदि का इस्तेमाल करेगा। कोई भी व्यक्ति ऐसा कोई लेख, पोस्टर आदि नही छपवायेगा और न ही ऐसा भाषण जिससे सामाजिक विद्वेष उत्पन्न हों अथवा किसी भी समुदाय की भावना को ठेस पहुंचे। किसी भी धार्मिक एवं ऐतिहासिक महापुरूष के विरूद्ध कोई ऐसी बात नहीं कहेगा या करेगा जिससे दूसरे वर्ग के व्यक्तियों को ठेस पहुंचे। कोई भी व्यक्ति न तो किसी प्रकार की अफवाह फैलायेगा न हीं दूसरों को अफवाहें फैलाने हेतु प्रेरित करेगा।
कोई भी व्यक्ति नशे की हालत में सार्वजनिक स्थान पर नही घूमेगा। कोई भी व्यक्ति सरकारी सम्पत्ति को न तो किसी प्रकार की क्षति पहुचायेंगा और नही क्षति पहुंचाने का प्रयास करेगा। कोई भी व्यक्ति भवन स्वामी की अनुमति के बिना उसके भवन दीवार अथवा अन्य स्थान पर पोस्टर, हैण्डबिल नहीं चिपकायेगा और न हीं होर्डिंग व कटआउट लगायेगा और न हीं बिना भवन स्वामी की अनुमति के दीवारों पर प्रचार लेख करायेगा। सरकारी/अर्द्धसरकारी, स्थानीय निकायों के भवनों एवं सड़कों तथा अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों के विषय में भी यही आदेश लागू होगें।
किसी भी व्यक्ति/नव युवक द्वारा मोटर साइकिल आदि पर सवार होकर हुड़दंग करते हुये मार्ग/यातायात वाधित नही करेगा। कोई भी व्यक्ति उत्तेजक नारे या बयानबाजी नहीं करेगा, जिससे दूसरे सम्प्रदाय या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे। लाउडस्पीकर या पब्लिक एडेस सिस्टम का प्रयोग बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के नही होगा। इसका प्रयोग रात्रि 10ः00 बजे से प्रातः 06ः00 बजे के मध्य नही होगा। किसी भी चिकित्सालय, शैक्षिक संस्था तथा मा0 न्यायलय का 100 मीटर का क्षेत्र शान्त रहेगा। बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के ड्रोन का उड़ान प्रतिबन्धित रहेगा। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश के अन्तर्गत छूट चाहता है तो वह जिला मजिस्टेट, नगर मजिस्टेट या सम्बन्धित परगना मजिस्टेट के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकता है, जिस पर सम्यक विचारोपरान्त यथोचित आदेश पारित किये जायेंगे। यह आदेश दिनांक 03.07.2026 से 29.08.2026 तक पूरे जनपद पीलीभीत में प्रभावी रहेगा। इस आदेश अथवा इसके किसी अंश का उल्लघंन भारतीय न्यायिक संहिता की धारा-223 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, डीएफओ, अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.), नगर मजिस्टेट, समस्त उप जिलाधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, अधिशासी अभिन्यता लोक निर्माण, अधिशासी अभियन्ता विद्युत, अधिशासी अधिकारी, सीओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।