गुरबाणी की सुगंध से महक रहा नन्हा जीवन: काका अर्पण सिंह नई पीढ़ी के लिए बने प्रेरणा स्रोत

नई दिल्ली, 5 जुलाई (मनप्रीत सिंह खालसा): सचखंड श्री दरबार साहिब के हज़ूरी रागी भाई शुभदीप सिंह जी के बड़े सुपुत्र काका अर्पण सिंह ने छोटी-सी उम्र में ही गुरबाणी को अपने जीवन का आधार बनाकर एक अनूठी मिसाल कायम की है। उन्हें अनेक बाणियाँ कंठस्थ हैं। विशेष रूप से आसा की वार तथा श्री दसम ग्रंथ की कई बाणियाँ उन्हें याद हैं। अकाल पुरख की असीम कृपा से वे अपनी सांसारिक शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक जीवन को भी पूरा समय दे रहे हैं। अर्पण सिंह का विनम्र, मिलनसार और गंभीर स्वभाव हर मिलने वाले को प्रभावित करता है। गुरु घर की सेवा, गुरबाणी के अभ्यास तथा सिख सिद्धांतों के प्रति उनकी गहरी निष्ठा उनके उत्कृष्ट संस्कारों की साक्षी है। आशा व्यक्त की जा रही है कि वे अपने छोटे भाइयों और हमउम्र बच्चों के लिए एक आदर्श जीवन-मार्गदर्शक बनेंगे तथा उन्हें भी गुरबाणी, उत्तम आचरण, अनुशासन और गुरु साहिबान द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेंगे। इस अवसर पर पिता भाई शुभदीप सिंह, हज़ूरी रागी सचखंड श्री दरबार साहिब ने कहा कि उनकी हार्दिक इच्छा है कि अर्पण सिंह सदैव गुरबाणी से जुड़े रहें, गुरमत के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहें तथा अपने परदादा ब्रह्मलीन बाबा ईश्रर सिंह अकालिया की फुलवाड़ी द्वारा प्रदान किए गए उच्च आदर्शों और संस्कारों को जीवनभर संजोकर रखें। उन्होंने कहा कि बाबा ईश्रर सिंह जी अकालिया ने अपना संपूर्ण जीवन पंथ की सेवा, गुरबाणी के प्रचार और सिख सिद्धांतों की मजबूती के लिए समर्पित किया था। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अर्पण सिंह भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सचखंड श्री दरबार साहिब की पंथक सेवाओं से जुड़े रहेंगे तथा अपने दादा सरदार संपूर्ण सिंह (सेवानिवृत्त एसीपी, श्री अमृतसर) की तरह एक नेक, ईमानदार, मेहनती और जनसेवा के लिए समर्पित अधिकारी बनकर परिवार, पंथ और देश का नाम रोशन करेंगे। बीते दिन काका अर्पण सिंह के जन्मदिवस के अवसर पर परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों, धार्मिक हस्तियों, हज़ूरी रागी सिंहों तथा देश-विदेश की संगतों ने उन्हें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं आशीर्वाद प्रदान किए। समस्त संगत ने अकाल पुरख से अरदास की कि वे अर्पण सिंह को चढ़दी कला, दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, विद्या, विनम्रता तथा गुरबाणी के प्रति अटूट प्रेम और भक्ति प्रदान करें, ताकि वे भविष्य में भी सिखी, समाज और मानवता की सेवा करते हुए नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहें। अंत में भाई शुभदीप सिंह एवं समस्त परिवार ने काका अर्पण सिंह के जन्मदिवस पर फोन कॉल, संदेशों, सोशल मीडिया तथा व्यक्तिगत रूप से शुभकामनाएँ, आशीर्वाद और मंगलकामनाएँ भेजने वाली समस्त संगत, पंथक हस्तियों, रिश्तेदारों, मित्रों एवं शुभचिंतकों का हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया। परिवार ने अकाल पुरख से प्रार्थना की कि समस्त संगत पर सदैव अपनी कृपा बनाए रखें तथा सभी को चढ़दी कला, उत्तम स्वास्थ्य, नाम-बाणी का वरदान और गुरु घर की सेवा का सौभाग्य निरंतर प्राप्त होता रहे।