नेपाल के सुस्ता गांव वासियों ने सुरक्षा और नागरिकता को लेकर किया धरना प्रदर्शन।

वाल्मीकि नगर से अभिमन्यु कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।भारत-नेपाल सीमा पर स्थित विवादित गांव सुस्ता क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए नेपाल सरकार के द्वारा अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती तथा नागरिकता विहीन सुस्ता क्षेत्र के निवासियों को नागरिकता देने की तैयारी की जा रही है।नवलपरासी जिला के रास्वपा पार्टी के युवा नेता बृजराज कुशवाहा ने बताया कि पिछले पांच दिनों से अपनी मांगो को लेकर सुस्ता क्षेत्र के निवासियों के द्वारा काठमांडू स्थित माइती घर मंडल में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। एक जुलाई को नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग के द्वारा धरना प्रदर्शन कर रहे सुस्ता निवासियों से मिल कर वार्ता कर उनकी मांगो पर विचार करने के लिए आश्वासन दिया गया था। गुरुवार तीन जुलाई को गृह मंत्रालय के द्वारा सुस्ता क्षेत्र के निवासियों के मांगो पर विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए पश्चिम नवलपरासी जिला के जिलाधिकारी को आवश्यक पहल करने का निर्देश देते हुए पत्र भेजा गया है।गृह मंत्रालय के शांति,सुरक्षा तथा अपराध नियंत्रण शाखा के द्वारा नवलपरासी के जिला अधिकारी को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि सुस्ता क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी को तैनाती किया जाए। तथा सुस्ता क्षेत्र में रहनेवाले ऐसे व्यक्ति जो कि नेपाल की नागरिकता प्राप्त करने के योग्य है लेकिन उन्हें अभी तक नागरिकता नही मिला है। उन सभी लोगों का विवरण संकलन कर प्रोफाइल तैयार कर उन्हें नेपाल के नागरिकता नियमावली के अनुसार नागरिकता प्रक्रिया पूरा करनेवाले व्यक्तियों को नागरिकता उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इसी तरह नेपाल के नागरिकता के लिए कानूनी आधार नही होने के कारण नागरिकता से वंचित व्यक्तियों का नागरिकता नही मिलने का स्पष्ट कारण सहित प्रतिवेदन तैयार कर नीतिगत निर्णय के लिए गृह मंत्रालय में भेजने के लिए जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया है।

नवलपरासी के जिलाधिकारी को यह निर्देशन नेपाल के गृह मंत्री के संयोजकत्व में सुस्ता क्षेत्र के निवासियों के साथ एक जुलाई को की गई बैठक तथा तीन जुलाई को सचिव स्तरीय निर्णय के अनुसार दिया गया है।