वंदे भारत ट्रेनों में छूटा यात्रियों का कीमती सामान लौटाकर जम्मू मंडल ने पेश की ईमानदारी की मिसाल

वंदे भारत ट्रेनों में छूटा यात्रियों का कीमती सामान लौटाकर जम्मू मंडल ने पेश की ईमानदारी की मिसाल

जम्मू। उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल के टिकट चेकिंग स्टाफ ने अपनी सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और समन्वय से वंदे भारत एक्सप्रेस में छूटा दो यात्रियों का कीमती सामान सुरक्षित लौटाकर ईमानदारी और यात्री सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

पहली घटना 2 जुलाई की है। ट्रेन संख्या 22439 वंदे भारत एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे एक यात्री का ट्रॉली बैग पठानकोट कैंट स्टेशन पर उतरते समय ट्रेन में ही छूट गया। सूचना मिलते ही जम्मू में तैनात वंदे भारत चेकिंग स्टाफ के राजिंदर सिंह ने तत्काल संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर बैग को सुरक्षित बरामद कराया और उसे पठानकोट कैंट स्टेशन भेजने की व्यवस्था की। वहां मुख्य टिकट निरीक्षक राकेश मेहता ने स्टेशन अधीक्षक की मौजूदगी में बैग उसके वास्तविक मालिक को सौंप दिया। अपना सामान सुरक्षित वापस मिलने पर यात्री ने रेलवे कर्मचारियों की ईमानदारी और तत्परता की सराहना की।

दूसरी घटना 4 जुलाई को ट्रेन संख्या 26401 जम्मू?श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस में सामने आई। रेल मदद और फोन के माध्यम से सूचना मिली कि एक यात्री का हैंड बैग ट्रेन की सीट पर छूट गया है। सूचना मिलते ही टिकट चेकिंग स्टाफ ने पीएनआर की जांच कर सीट संख्या 15 से काले रंग का हैंड बैग बरामद किया। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने वीडियो कॉल के माध्यम से बैग में रखे सामान का यात्री से सत्यापन कराया। बैग में यात्रा पर्ची, एटीएम कार्ड, पहचान पत्र, ईयरबड्स तथा 170 रुपये नकद मिले। यात्री के अनुरोध पर बैग को श्रीनगर स्टेशन पर सुरक्षित जमा करा दिया गया।

उत्तर रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि जम्मू मंडल का चेकिंग स्टाफ हमेशा यात्री सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करता है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और उनके सामान की हिफाजत सुनिश्चित करना रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उत्तर रेलवे, जम्मू मंडल की इस सराहनीय पहल ने एक बार फिर साबित किया है कि रेलवे का चेकिंग स्टाफ केवल टिकट जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर यात्रियों की हर संभव सहायता के लिए भी पूरी तत्परता से कार्य करता है।