अमृत भारत योजना से बदलेगा सादुलपुर स्टेशन, शेखावाटी के पर्यटन और व्यापार को मिलेगी नई उड़ान

अमृत भारत योजना से बदलेगा सादुलपुर स्टेशन, शेखावाटी के पर्यटन और व्यापार को मिलेगी नई उड़ान

बीकानेर। राजस्थान के चूरू जिले स्थित सादुलपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन का स्वरूप अब तेजी से बदल रहा है। NWR के तहत अमृत भारत स्टेशन योजना में सादुलपुर स्टेशन का पुनर्विकास कार्य लगभग पूरा होने की ओर है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, वहीं शेखावाटी क्षेत्र के पर्यटन, व्यापार और स्थानीय रोजगार को भी नई गति मिलेगी।

बीकानेर के महाराजा सादुल सिंह के नाम पर बने सादुलपुर जंक्शन को चूरू जिले का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन माना जाता है। यह स्टेशन दिल्ली रेवाड़ी लोहारू सादुलपुर चूरू बीकानेर तथा हिसार सादुलपुर चूरू?जोधपुर रेलमार्ग पर स्थित है। सादुलपुर की अनाज मंडी लंबे समय से कृषि व्यापार का बड़ा केंद्र रही है और यहां का थोक कारोबार स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार पर्यटन और हस्तशिल्प कला के लिए प्रसिद्ध सादुलपुर स्टेशन का पुनर्विकास कार्य अंतिम चरण में है। इसके पूरा होने के बाद यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

करीब 18 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से स्टेशन भवन में बड़े स्तर पर सुधार किया जा रहा है। स्टेशन परिसर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्था बनाई जा रही है। इसके अलावा बाउंड्री वॉल, सर्कुलेटिंग क्षेत्र का सौंदर्यीकरण, दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग पार्किंग, बुकिंग कार्यालय, विश्राम कक्ष और नए शौचालय ब्लॉक विकसित किए जा रहे हैं।

यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर कोच मार्गदर्शन प्रदर्शन बोर्ड, बहुपंक्ति सूचना बोर्ड, एकल पंक्ति सूचना बोर्ड, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, बड़ी एलईडी स्क्रीन और जीपीएस आधारित डिजिटल घड़ी लगाई जाएगी। दिव्यांगजन यात्रियों के लिए विशेष संकेतक भी लगाए जा रहे हैं ताकि सभी सुविधाओं तक उनकी पहुंच आसान हो सके।

स्टेशन की सुंदरता बढ़ाने के लिए दीवारों और छतों पर शेखावाटी की कला और संस्कृति को दर्शाती आकर्षक पेंटिंग बनाई जाएगी। इसके अलावा स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा पैदल पुल बनाया जा रहा है, जिसका करीब 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस पुल की अनुमानित लागत 8 करोड़ 84 लाख रुपये बताई जा रही है।

हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए स्टेशन पर 40 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र भी लगाया गया है, जिस पर करीब 18 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्टेशन के पुनर्विकास कार्य से स्थानीय कारीगरों और मजदूरों को रोजगार मिला है, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है। माना जा रहा है कि सादुलपुर स्टेशन के आधुनिक स्वरूप में आने से शेखावाटी क्षेत्र में पर्यटन, हस्तशिल्प, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को मजबूती मिलेगी।