एटा/जलेसर: सुन्दरगढ़ में भूमाफिया कर रहे नील कोठी एवं शीतला माता मन्दिर की भूमि पर अवैध प्लॉटिंग, जिम्मेदार बेखबर।

*एटा/जलेसर: सुन्दरगढ़ में भूमाफिया कर रहे नील कोठी एवं शीतला माता मन्दिर की भूमि पर अवैध प्लॉटिंग, प्रशासन बेखबर।*


इसौली: सरकारी नील कोठी के शीतला माता मंदिर के गाटा संख्या 1215-1216 के चिन्हांकन हटाकर नियम विरुद्ध प्लाटिंग, ग्रामसभा चिंतित।

जिला एटा, तहसील जलेसर में इसौली ग्राम सभा के सुंदरगढ़ ग्राम अंतर्गत नील कोठी स्थित शीतला माता मंदिर से जुड़ी सरकारी भूमि ? गाटा संख्या 1215 और 1216 ? के पूर्व में किए गए आधिकारिक चिन्हांकन को कथित तौर पर हटा दिया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गाटा संख्या 1217 पर प्लाटिंग करने वाले भूमाफियाओं द्वारा अवैध रूप से चिन्हांकन हटाकर सरकारी गाटा संख्या 1215 से रास्ता दिखा कर संभावित खरीदारों को गुमराह किया जा रहा है, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है।
स्थानीय ग्रामीणों और ग्राम सभा के प्रधान प्रतिनिधि ने बताया है कि राजस्व टीम द्वारा सीमांकन करने के बाद लगाए गए चिन्हों को हाल ही में नील कोठी भूमि के किनारे स्थित चिन्हों और सीमांकन संकेतों को भूमाफियाओं द्वारा हटाया गया है।सीमांकन के दौरान उपस्थित कई संभ्रांत ग्रामवासी और ग्राम सभा प्रतिनिधि ने बताया कि चिन्हांकन माप कार्य के दौरान लेखपाल एवं कानूनगो द्वारा किया गया था और सीमांकन ग्राम प्रधान की उपस्थिति में किया गया था। भूमाफियाओं द्वारा "चिन्ह हटा दिए गए हैं और नील कोठी की भूमि पर अवैध तरीके से नया रास्ता बना दिया गया है, इससे सरकारी मेला क्षेत्र की भूमि सीमाएँ अस्पष्ट हो गई हैं,"। नाम ना छापने की शर्त पर ग्राम सभा के एक सदस्य ने इस मामले का खुलासा किया है।

ग्रामवासियों का दावा है कि इस तरह गलत दिशा की अवैध प्लाटिंग से न केवल सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग हो रहा है बल्कि आने वाले समय में धार्मिक-अत्यावश्यक आयोजन और स्थानीय संपत्ति अधिकारों में गंभीर विवाद खड़े हो सकते हैं। मेले की व्यवस्थाओं, पत्तों व दुकान-ठेलों के लिए निर्धारित स्थान और सुरक्षा को भी यह कदम प्रभावित कर सकता है।
किसी भी कार्यवाही से पहले प्रशासनिक सत्यापन आवश्यक है। इस संबंध में ग्रामीणों ने पंचायत कार्यालय और संबंधित राजस्व अधिकारियों से टिप्पणी मांगने की कोशिश की, परन्तु अभी उनकी ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

पंचायत से आग्रह और निर्देश:

स्थानीय ग्रामीणों एवं मेला समिति की मांग है कि:
तत्काल प्रभाव से राजस्व विभाग व पंचायत अधिकारी मौके पर जाकर चिन्हांकन की मौलिक स्थिति का सत्यापन करें।
यदि चिन्हांकन को जानबूझकर हटाया जाना पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति/पक्ष के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सरकारी नील कोठी के शीतला माता मंदिर और मेले की भूमि की रक्षा के लिए प्रबल और स्पष्ट कदम उठाए जाएं, जिसमें बाउंड्री वॉल बनवाना, स्वीकृत सीमांकन चिन्ह (स्टोन/पिलर) पुनर्स्थापित करना और नियमित निगरानी शामिल हों।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन समय पर कदम नहीं उठाता है और भविष्य में सरकारी भूमि पर अवैध रास्ता दर्शाया गया तो समस्त जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी क्योंकि यह मामला सभी के संज्ञान में है।


रिपोर्ट: रमेश जादौन जलेसर, एटा।