उदयपुर में औदीच्य ब्राह्मण समाज के भव्य मांगलिक भवन का लोकार्पण; दो दिवसीय संभाग स्तरीय महोत्सव संपन्न।

उदयपुर। औदीच्य ब्राह्मण समाज सेवा समिति, उदयपुर के तत्वावधान में बुधवार को समाज के नवनिर्मित भव्य 'मांगलिक भवन' का दो दिवसीय लोकार्पण महोत्सव बुधवार को हर्षोल्लास और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक समारोह में उदयपुर संभाग के उदयपुर, सलूम्बर, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों के 150 से अधिक गाँवों के हजारों समाज बंधुओं ने अपनी एकजुटता और सहभागिता दर्शाई।

प्रवक्ता एवं प्रचार-प्रसार मंत्री प्रेम औदीच्य (सेक्टर 5) ने बताया कि दो दिवसीय महोत्सव के प्रथम दिन (30 जून) को प्रातः गणपति स्थापना एवं नव चंडी पाठ का आयोजन हुआ। इसी दिन रात्रि में झामेश्वर जी औदीच्य, अशोक जी औदीच्य और ओम प्रकाश जी औदीच्य के नेतृत्व में भव्य संगीतमय सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या आयोजित की गई, जिसमें 1,000 से अधिक समाज जनों ने भक्ति रस का आनंद लिया।

महोत्सव के द्वितीय दिन, आज 1 जुलाई को मुख्य आचार्य श्री भूपेंद्र जी शास्त्री (वीरपुरा) के आचार्यत्व में 11 विद्वान पंडितों द्वारा सनातनी परंपरा के अनुसार देव आवाहन, गृह प्रवेश एवं प्रातः 10:35 बजे महा-पूर्णाहुति के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करवाए गए।

लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि रामस्नेही संप्रदाय के पूज्य संत श्री नरपत राम जी महाराज (बड़ा रामद्वारा चौक) रहे। उन्होंने अपने शिष्यों सहित समारोह में पधारकर समाज को आशीर्वाद दिया। संत श्री ने समाज के भामाशाहों और कार्यकारिणी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह भवन समाज की प्रगति में मील का पत्थर साबित होगा।

समारोह के दौरान औदीच्य ब्राह्मण समाज सेवा समिति, उदयपुर के अध्यक्ष श्री मोहन लाल जी औदीच्य ने लोकार्पण पट्टिका का अनावरण किया। उन्होंने विभिन्न बैठकों, चोखलों और टीलात के अध्यक्षों व पदाधिकारियों का स्वागत-अभिनंदन किया।

अध्यक्ष मोहन लाल जी ने इस पुनीत कार्य का श्रेय समाज के प्रत्येक भामाशाह और कार्यकारिणी के सकारात्मक सहयोग को देते हुए घोषणा की कि यह भवन अब समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए अत्यंत रियायती दरों पर मांगलिक कार्यों हेतु उपलब्ध रहेगा। इसके साथ ही, इस परिसर में नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने, शिक्षा, खेलकूद और रोजगारोन्मुखी गतिविधियों के बड़े आयोजन किए जाएंगे।

महोत्सव की दो दिवसीय कार्ययोजना को सफल बनाने के लिए समाज की 16 विशेष समितियों का गठन किया गया था। वरिष्ठ और युवा कार्यकर्ताओं ने पूरी कर्मठता के साथ महाप्रसादी (भोजन व्यवस्था) और अन्य व्यवस्थाओं को संभाला, जिससे पूरा आयोजन निर्विघ्न और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

इस भव्य निर्माण और सफल आयोजन से संपूर्ण उदयपुर संभाग के औदीच्य समाज में हर्ष की लहर है।