भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

फर्रुखाबाद। राष्ट्रवादि ब्रह्म महासभा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद अवस्थी के निर्देशन पर जनपद फर्रुखाबाद के पदाधिकारियों ने गुरुवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपकर स्वर्गीय भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। संगठन ने कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने और दोषियों को दंडित करने के लिए स्वतंत्र एजेंसी अथवा विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराई जानी चाहिए।

महासभा के जिला अध्यक्ष अमन दुबे के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि उक्त घटना को लेकर समाज एवं आमजन में भारी आक्रोश, भय और असंतोष का माहौल है। संगठन का आरोप है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आम नागरिकों का कानून व्यवस्था और न्याय व्यवस्था पर विश्वास कमजोर हो सकता है।

ज्ञापन में मांग की गई कि घटना में यदि किसी पुलिस कर्मी अथवा अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके विरुद्ध हत्या समेत अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही जांच प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए ताकि जनता के सामने सत्य आ सके।

महासभा ने राष्ट्रपति से यह भी अनुरोध किया कि पीड़ित परिवार को शासन की ओर से नियमानुसार आर्थिक सहायता, सुरक्षा एवं न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। संगठन का कहना है कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होने से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर रोक लगेगी।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कानून के शासन में प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष न्याय मिलना चाहिए और किसी भी विवादित घटना की पारदर्शी जांच लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल आवश्यकता है।

यह ज्ञापन 25 जून 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा गया। इस दौरान राष्ट्रवादि ब्रह्म महासभा के जिला अध्यक्ष अमन दुबे सहित संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।