लखनऊ स्टेशन पर बड़े आधुनिकीकरण कार्य शुरू, यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं के लिए कई ट्रेनों में अस्थायी बदलाव

भारतीय रेलवे यात्रियों को और अधिक सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रहा है। इसी क्रम में उत्तरी रेलवे के लखनऊ स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या 4 पर ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) कार्य शुरू किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य के चलते रेलवे प्रशासन ने कई ट्रेनों के मार्ग परिवर्तन, आंशिक निरस्तीकरण, ओरिजिनेशन और टर्मिनल परिवर्तन करने का फैसला लिया है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह कार्य 24 जून 2026 से 13 सितंबर 2026 तक विभिन्न चरणों में किया जाएगा। इस दौरान कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से दूसरे स्टेशनों तक चलाया जाएगा, कुछ का प्रारंभिक स्टेशन बदला जाएगा और कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया जाएगा।

सबसे प्रमुख बदलावों में विरांगना लक्ष्मीबाई झांसी?लखनऊ पैसेंजर, यशवंतपुर?लखनऊ एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक?लखनऊ एक्सप्रेस, ग्वालियर?बरौनी एक्सप्रेस, गोरखपुर?आनंद विहार, गोरखपुर?बांद्रा, गोरखपुर?पनवेल, साबरमती?मुजफ्फरपुर, सूरत?मुजफ्फरपुर, ओखा?गुवाहाटी सहित कई प्रमुख ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा।

कुछ ट्रेनें कानपुर सेंट्रल, मानक नगर, उतरहटिया और लखनऊ जंक्शन (LJN) से संचालित होंगी, जबकि कई ट्रेनों का लखनऊ स्टेशन पर अस्थायी ठहराव नहीं रहेगा और उन्हें ऐशबाग, बादशाह नगर, मलहौर तथा ट्रांसपोर्ट नगर जैसे वैकल्पिक स्टेशनों के रास्ते चलाया जाएगा।

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अस्थायी बदलाव यात्रियों की सुरक्षा, बेहतर बिजली आपूर्ति व्यवस्था और स्टेशन पर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए किए जा रहे हैं। ओएचई कार्य पूरा होने के बाद लखनऊ स्टेशन पर ट्रेनों का संचालन और अधिक सुगम, सुरक्षित और तकनीकी रूप से बेहतर होगा।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति और नए संचालन संबंधी जानकारी अवश्य जांच लें ताकि किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

भारतीय रेलवे का यह बड़ा तकनीकी अभियान बताता है कि रेलवे सिर्फ सफर नहीं, बल्कि भविष्य की आधुनिक, तेज और सुरक्षित रेल व्यवस्था तैयार करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।