पुणे से शिरडी और दानापुर के लिए नई ट्रेनों की सौगात, रेलवे विकास परियोजनाओं का हुआ शुभारंभ

पुणे से शिरडी और दानापुर के लिए नई ट्रेनों की सौगात, रेलवे विकास परियोजनाओं का हुआ शुभारंभ

अश्विनी वैष्णव और देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार 17 जून 2026 को पुणे में रेलवे यात्रियों को बड़ी सौगात दी। दोनों नेताओं ने नई पुणे?साईंनगर शिरडी एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही पुणे रेलवे यार्ड के आधुनिकीकरण और अन्य रेलवे आधारभूत संरचना परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

इसी दौरान रेल मंत्री ने पुणे?दानापुर अमृत भारत एक्सप्रेस को हडपसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ट्रेन का निरीक्षण किया और स्कूली बच्चों व रेलवे कर्मचारियों से बातचीत भी की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 70 लाख से अधिक आबादी और लगातार बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए पुणे को एक बड़े रेलवे टर्मिनल की जरूरत है। इसके लिए करीब 600 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाएं तैयार की गई हैं। इनमें पुणे यार्ड रीमॉडलिंग, 6 नए प्लेटफॉर्म का निर्माण, मौजूदा 6 प्लेटफॉर्म का विस्तार कर कुल 12 प्लेटफॉर्म बनाना, नया प्रवेश द्वार, आलंदी में टर्मिनल तथा घोरपड़ी में कोचिंग रखरखाव डिपो शामिल हैं। इन कार्यों के पूरा होने के बाद पुणे से 20 अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं शुरू की जा सकेंगी।

रेल मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र में 132 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य तेज गति से चल रहा है। इसमें छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, कोल्हापुर, सतारा, नागपुर और नासिक सहित कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि पुणे?नासिक रेल मार्ग का मार्ग तय हो चुका है और जल्द ही नांदेड़?मुंबई रेल सेवा शुरू की जाएगी। इसके अलावा महाराष्ट्र को जल्द ही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सुविधा भी मिलने वाली है।

भविष्य की योजनाओं पर बोलते हुए रेल मंत्री ने कहा कि मुंबई?अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना शुरू होने के बाद मुंबई से पुणे की यात्रा सिर्फ 48 मिनट में और हैदराबाद से पुणे की यात्रा 2 घंटे 8 मिनट में पूरी हो सकेगी। उन्होंने बताया कि बुलेट ट्रेन परियोजना का पहला चरण वर्ष 2027 में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर राजीव श्रीवास्तव सहित मध्य रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह परियोजनाएं महाराष्ट्र में रेलवे नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं।