चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, अवध असम एक्सप्रेस में महिला ने सुरक्षित बच्चे को दिया जन्म

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अंतर्गत आज एक भावुक और सराहनीय घटना सामने आई, जब अवध असम एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक महिला यात्री ने रंगिया रेलवे स्टेशन पहुंचने से ठीक पहले एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया। रेलवे कर्मचारियों और चिकित्सकीय टीम की तत्परता से मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।

जानकारी के अनुसार, यात्रा के दौरान महिला यात्री को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसकी सूचना ट्रेन में मौजूद टिकट परीक्षक अजय दास ने तुरंत रेलवे अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही रंगिया मंडल की रेलवे चिकित्सकीय टीम और स्टेशन कर्मचारी तत्काल सक्रिय हो गए और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई।

इसी दौरान संयोग से ट्रेन में यात्रा कर रही जोरहाट क्रिश्चियन मिशन अस्पताल की नर्स के. जी. बेजबरुआ ने भी मौके पर महत्वपूर्ण सहयोग दिया। नर्स और रेलवे चिकित्सकीय दल के संयुक्त प्रयासों से महिला ने सुरक्षित रूप से एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया।

प्रसव के बाद मां और नवजात को प्राथमिक उपचार के लिए रंगिया रेलवे अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उन्हें गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया। रेलवे प्रशासन की ओर से मां और बच्चे के लिए सभी आवश्यक चिकित्सकीय और एंबुलेंस सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इस मानवीय कार्य में योगदान देने वाले रेलवे और चिकित्सा कर्मियों की हर ओर सराहना हो रही है। इनमें अजय दास (टिकट परीक्षक), डॉ. शरथ चंद्र, शाहिद लाल नारजरी, मनहोष कुमार, ड्यूटी पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल के जवान तथा नर्स के. जी. बेजबरुआ शामिल रहे।

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि भारतीय रेलवे केवल यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि जरूरत के समय सेवा, संवेदनशीलता और मानवता का सबसे बड़ा सहारा भी है।