हाईवे किनारे टेंट में खड़े 'अमृत भारत' ट्रेन इंजन बॉडी शेल का रहस्य गहराया, शिकायत के बाद रातों-रात गायब हुई संरचना

सतीश कुमार नन्दा

परसों जीएसटी विभाग में शिकायत के बाद अगले ही दिन हटा दी गई पूरी संरचना

संबंधित अधिकारियों ने जताई अनभिज्ञता, मानको पर खरे न उतरने पर पहले भी रद्द किए जाने की बात आई सामने

चंदौली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी 'अमृत भारत' ट्रेन परियोजना से जुड़ी बताई जा रही लोकोमोटिव बॉडी शेल को लेकर चंदौली-बिहार बॉर्डर पर रहस्य और गहरा गया है। बिहार के कैमूर जिले के दुर्गावती-भभुआ क्षेत्र स्थित नौबतपुर बॉर्डर के पास हाईवे किनारे टेंट के नीचे पिछले करीब एक महीनों से खड़ी भारी-भरकम इंजन बॉडी शेल को लेकर पहले से ही कई सवाल उठ रहे थे। इसी बीच परसों बिहार जीएसटी विभाग में इसकी शिकायत की गई और शिकायत के महज 24 घंटे के भीतर पूरी संरचना रहस्यमय तरीके से रातों-रात वहां से गायब हो गई।स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की रेलवे परियोजना से जुड़ी इतनी संवेदनशील संरचना का कई दिनों तक खुले हाईवे किनारे रखा जाना और फिर शिकायत के तुरंत बाद उसे आनन-फानन में हटाया जाना पूरे मामले को संदिग्ध बना रहा है। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किसके निर्देश पर, किस उद्देश्य से और कहां इस बॉडी शेल को हटाया गया।मामले में जब बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि उक्त लोकोमोटिव बॉडी शेल बरेका से पहले ही कैंसिल (निरस्त) की जा चुकी है। उन्होंने कहा, "हमारे यहां से यह कैंसिल हो चुका है, उसके बाद संबंधित पक्ष ने उसका क्या किया, कहां रखा या कहां ले गया, इसकी जानकारी हमारे पास नहीं है।" साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि उक्त बॉडी शेल दोबारा बरेका लाई जाती है तो उसकी तकनीकी जांच की जाएगी और निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर सही नहीं पाए जाने पर उसे पुनः निरस्त कर दिया जाएगा।वहीं, बिहार जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने भी मामले को लेकर अनभिज्ञता जताई। बाद में दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया, जिससे पूरे प्रकरण को लेकर रहस्य और गहरा गया है।अब चंदौली-बिहार बॉर्डर के दुर्गावती, भभुआ और आसपास के क्षेत्रों में एक ही सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है?परसों जीएसटी विभाग में शिकायत होने के बाद आखिर अगले ही दिन रातों-रात 'अमृत भारत' लोकोमोटिव बॉडी शेल को किसने, क्यों और कहां हटाया? पूरे मामले पर रेलवे, जीएसटी विभाग और संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।