पैतृक भूमि की खतौनी में हेराफेरी का आरोप, तत्कालीन लेखपाल समेत तीन पर मुकदमा दर्ज

पीलीभीत। जिले में पैतृक भूमि की खतौनी में कथित हेराफेरी कर एक महिला के हिस्से की जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश के बाद गजरौला थाना पुलिस ने तत्कालीन हल्का लेखपाल समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मामला थाना गजरौला क्षेत्र के ग्राम सुहास का है। गांव निवासी केसर जहां पत्नी साबिर खां ने न्यायालय के आदेश पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि ग्राम सुहास स्थित गाटा संख्या 289 (रकबा 1.7810 हेक्टेयर) भूमि उनके पैतृक स्वामित्व की है। भूमि के मूल मालिक चांद खां थे, जिनकी मृत्यु के बाद उनके पुत्र सूखे खां और मैकू खां वारिस बने। बाद में सूखे खां के निधन के पश्चात वर्ष 2014 में केसर जहां का नाम भी वारिस के रूप में दर्ज किया गया।
शिकायत के अनुसार, मैकू खां ने वर्ष 1996 में अपने हिस्से से अधिक भूमि का बैनामा ज्ञान प्रकाश के पक्ष में कर दिया था, जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप है कि इसी दौरान ज्ञान प्रकाश ने तत्कालीन हल्का लेखपाल जितेंद्र कश्यप से कथित मिलीभगत कर 1 मई 2025 को खतौनी में अंश संशोधन करा लिया। इस प्रक्रिया में अन्य सहखातेदारों को न तो कोई सूचना दी गई और न ही उनकी सहमति ली गई।
पीड़िता का आरोप है कि वास्तविक रूप से एक-चौथाई हिस्से का हकदार होने के बावजूद ज्ञान प्रकाश ने अपने नाम आधे हिस्से का अंश दर्ज करा लिया। इसके बाद, विवादित भूमि का मुकदमा लंबित होने के बावजूद 14 जनवरी 2026 को उक्त भूमि का बैनामा नोनीराम निवासी मीरापुर के नाम कर दिया गया।
केसर जहां का कहना है कि तीनों आरोपी अब उनकी पैतृक भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 5 मार्च 2026 को खेत पर काम करते समय आरोपियों ने पहुंचकर उन्हें खेत छोड़ने की धमकी भी दी।
थानाध्यक्ष गजरौला बृजवीर सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन हल्का लेखपाल जितेंद्र कश्यप, ज्ञान प्रकाश और नोनीराम के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा मामले की गहन विवेचना की जा रही है।
न्यायालय के आदेश पर दर्ज इस मुकदमे के बाद राजस्व अभिलेखों में कथित हेराफेरी और पैतृक संपत्ति विवाद का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।