नई दिल्ली में आशिमा मेहरोत्रा की एकल चित्रकला प्रदर्शनी वंचना – एक वृत्तांत का आयोजन

नई दिल्ली में आशिमा मेहरोत्रा की एकल चित्रकला प्रदर्शनी वंचना ? एक वृत्तांत का आयोजन

देश की राजधानी नई दिल्ली में कला प्रेमियों के लिए एक विशेष सांस्कृतिक आयोजन किया जा रहा है। प्रसिद्ध समकालीन चित्रकार आशिमा मेहरोत्रा की एकल चित्रकला प्रदर्शनी ?वंचना ? एक वृत्तांत? का आयोजन इंडिया हैबिटेट सेंटर, लोधी रोड स्थित विजुअल आर्ट गैलरी में 11 जून से 15 जून 2026 तक किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक आम लोगों के लिए खुली रहेगी।

इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 11 जून 2026 को शाम 5:30 बजे केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा किया गया। इस अवसर पर कला, संस्कृति, उद्योग, प्रशासन और कूटनीति जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं।

प्रदर्शनी का मुख्य विषय वंचना है, जो अभाव, बहिष्कार, अधूरी इच्छाओं और मानवीय संघर्षों को दर्शाता है। अपने चित्रों के माध्यम से कलाकार ने जीवन के उन पहलुओं को उकेरा है, जो व्यक्ति के भीतर गहरे भावनात्मक प्रभाव छोड़ते हैं। यह प्रदर्शनी अपनापन, पहचान, सम्मान, रिश्तों और आत्म-खोज जैसे विषयों को केंद्र में रखकर मानवीय जीवन की गहरी सच्चाइयों को सामने लाती है।

आशिमा मेहरोत्रा एक प्रतिष्ठित चित्रकार होने के साथ-साथ भारतीय रेलवे यातायात सेवा की वरिष्ठ अधिकारी भी हैं। उनकी कला में आध्यात्मिकता, प्रकृति, सामाजिक जीवन, मानवीय संबंध और सांस्कृतिक स्मृतियों की गहरी झलक दिखाई देती है। उनकी खास पहचान प्राचीन चित्रकला तकनीक मोम चित्रकला कला में है, जिसमें गर्म मधुमक्खी के मोम, प्राकृतिक राल और रंगों के प्रयोग से विशेष बनावट और गहराई वाले चित्र तैयार किए जाते हैं।

प्रदर्शनी में प्रदर्शित चित्र स्मृति, विस्थापन, मौन, आशा और पुनर्निर्माण जैसे विषयों को दर्शाते हैं। इन कलाकृतियों के माध्यम से दर्शकों को अपनी भावनाओं, इच्छाओं और जीवन के अनुभवों पर सोचने का अवसर मिलता है।

इस आयोजन में दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त अनिल सुकलाल, भारतीय रेलवे वित्त निगम के अध्यक्ष मनोज कुमार दुबे, उद्योग जगत की प्रमुख हस्ती स्मिणु जिंदल सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। प्रदर्शनी का संयोजन प्रसिद्ध कला विशेषज्ञ किशोर लबर द्वारा किया गया है।

वंचना एक वृत्तांत केवल एक कला प्रदर्शनी नहीं, बल्कि मानवीय जीवन, भावनाओं और आत्मचिंतन का एक सशक्त माध्यम बनकर सामने आई है। यह आयोजन राजधानी के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में एक महत्वपूर्ण स्थान बना रहा है और कला प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हो रहा है।