रेलवे सुरक्षा बल की बड़ी कार्रवाई: मिर्जापुर स्टेशन पर मानव तस्करी का प्रयास नाकाम, 6 नाबालिग बच्चों को बचाया गया

मिर्जापुर।अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर रेलवे सुरक्षा बल ने मानव तस्करी और बाल मजदूरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सराहनीय सफलता हासिल की। उत्तर मध्य रेलवे के मिर्जापुर स्टेशन पर चलाए गए विशेष अभियान ?ऑपरेशन आहट? के तहत 6 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, जबकि इस मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में यह अभियान मिर्जापुर रेलवे सुरक्षा बल द्वारा एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के सहयोग से चलाया गया। अभियान के तहत ट्रेन संख्या 12487 जोगबनी?आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से मिर्जापुर रेलवे स्टेशन तक विशेष निगरानी रखी गई।

जांच के दौरान सामान्य श्रेणी के कोच में 6 नाबालिग बालकों के साथ दो संदिग्ध व्यक्ति यात्रा करते मिले। मिर्जापुर स्टेशन पर पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि बच्चों को रोजगार का लालच देकर दिल्ली और अलीगढ़ ले जाया जा रहा था, जहां उनसे बाल मजदूरी कराए जाने की आशंका थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। आरोपियों की पहचान मो. मनोजुद्दीन और मो. इस्माइल, निवासी अररिया, बिहार के रूप में हुई। उनके पास से मोबाइल फोन, नकद धनराशि, यात्रा टिकट समेत अन्य सामग्री भी बरामद की गई।

प्रारंभिक जांच के बाद दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, मिर्जापुर को सौंप दिया गया। वहीं रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को सुरक्षा, परामर्श और पुनर्वास की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क/चाइल्डलाइन मिर्जापुर के हवाले किया गया।

यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि भारतीय रेल केवल यात्रियों की सुरक्षा ही नहीं बल्कि समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

रेलवे सुरक्षा बल ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी मानव तस्करी या बाल मजदूरी जैसी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत आरपीएफ या संबंधित प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कड़ी कार्रवाई की जा सके।

यह अभियान बच्चों के सुरक्षित भविष्य और मानव तस्करी के खिलाफ रेलवे की सजगता का एक मजबूत उदाहरण बनकर सामने आया है।