जोधपुर रेल मंडल ने दो वर्षों में बचाए 2.84 करोड़ लीटर डीजल, इलेक्ट्रिक इंजनों से बदल रही रेलवे की तस्वीर

जोधपुर रेल मंडल ने दो वर्षों में बचाए 2.84 करोड़ लीटर डीजल, इलेक्ट्रिक इंजनों से बदल रही रेलवे की तस्वीर

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर रेल मंडल में ट्रेनों के तेजी से हो रहे विद्युतीकरण का सकारात्मक असर अब साफ दिखाई देने लगा है। इलेक्ट्रिक इंजनों से ट्रेनों के संचालन को बढ़ावा मिलने के कारण मंडल ने पिछले दो वर्षों में करीब 2 करोड़ 84 लाख लीटर डीजल की बचत कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान समय में मंडल की लगभग 75 प्रतिशत ट्रेनों का संचालन इलेक्ट्रिक इंजनों से किया जा रहा है, जिससे डीजल पर निर्भरता लगातार कम होती जा रही है।

जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे लगातार आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए ट्रेनों के संचालन में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन को प्राथमिकता दे रहा है। इसका सीधा फायदा यह हुआ है कि महंगे डीजल की खपत में तेजी से कमी आई है और रेलवे को आर्थिक बचत भी हो रही है। उन्होंने कहा कि विद्युतीकरण के बेहतर परिणाम अब ईंधन खपत के आंकड़ों में भी स्पष्ट दिखाई देने लगे हैं।

रेलवे के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में ट्रेन संचालन के लिए लगभग 6 करोड़ 77 लाख 78 हजार 865 लीटर डीजल की खपत हुई थी, जबकि वर्ष 2025-26 में यह घटकर 3 करोड़ 94 लाख 13 हजार 815 लीटर रह गई। इस तरह रेलवे ने मात्र दो वर्षों में 2 करोड़ 83 लाख 65 हजार 50 लीटर डीजल की बड़ी बचत दर्ज की है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेनों के विद्युतीकरण से केवल ईंधन की बचत ही नहीं हो रही, बल्कि परिचालन लागत में भी भारी कमी आई है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिली है, क्योंकि डीजल की खपत कम होने से कार्बन उत्सर्जन में कमी दर्ज की जा रही है। इससे रेलवे का संचालन अधिक पर्यावरण अनुकूल बन रहा है।

रेल प्रशासन का कहना है कि जोधपुर मंडल के अधिकांश रेल मार्गों पर विद्युतीकरण का कार्य पूरा किया जा चुका है। अब उपलब्ध इलेक्ट्रिक इंजनों के अनुसार ट्रेनों का संचालन बदला जा रहा है। आने वाले समय में मंडल को डीजल आधारित संचालन से लगभग पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

आंकड़ों में समझिए उपलब्धि

वर्ष 2024-25 में डीजल खपत ? 6 करोड़ 77 लाख 78 हजार 865 लीटर

वर्ष 2025-26 में डीजल खपत 3 करोड़ 94 लाख 13 हजार 815 लीटर

कुल बचत 2 करोड़ 83 लाख 65 हजार 50 लीटर

इलेक्ट्रिक इंजनों से संचालन करीब 75 प्रतिशत ट्रेनें

रेलवे का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन के विस्तार से रेल संचालन और अधिक किफायती, तेज, आधुनिक तथा पर्यावरण के अनुकूल बनेगा। जोधपुर मंडल की यह उपलब्धि भारतीय रेलवे के हरित और आधुनिक भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।