विधायक प्रतिनिधियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में उपचार में लापरवाही का लगाया आरोप, सीएमएचओ से की शिकायत

बैकुंठपुर।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में एक मासूम बच्चे के उपचार में कथित लापरवाही एवं अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्थाओं में कमी को लेकर विधायक प्रतिनिधियों खोर निंदा करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को शिकायत सौंपकर जांच एवं कार्रवाई की मांग की गई है।शिकायत के अनुसार ग्राम महोरा निवासी 10 वर्षीय बालक को 9 जून 2026 की रात गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना से जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर रेफर किया गया था। बताया गया है कि बच्चे की स्थिति गंभीर होने के बावजूद प्राथमिक उपचार एवं रेफरल प्रक्रिया में काफी विलंब हुआ, जिससे उसकी हालत और अधिक गंभीर हो गई शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. अभिषेक गढ़ेवाल ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए आवश्यक उपचार कर उसे मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर किया, जहां समय पर इलाज मिलने से बच्चे की जान बच सकी। शिकायत में कहा गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में प्राथमिक उपचार के दौरान लगभग 90 मिनट की देरी हुई तथा सर्पदंश के परीक्षण और उपचार में भी अपेक्षित तत्परता नहीं बरती गई। इसके अलावा शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि अस्पताल में शासकीय वाहन उपलब्ध होने के बावजूद मरीज को एम्बुलेंस से रेफर करने में देरी की गई, जिसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन एवं प्रभारी बीएमओ पर बताई गई है।शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि इससे पहले भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में उपचार संबंधी लापरवाही के मामले चर्चा में रहे हैं तथा क्षेत्र के लोगों द्वारा रेफर बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं में अव्यवस्था की शिकायतें लगातार की जाती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन की कमियों के कारण दूर-दराज से आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।मामले को गंभीर बताते हुए शिकायतकर्ताओं ने सीएमएचओ से निष्पक्ष जांच कर दोषी चिकित्सक एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने तथा अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित करने की मांग की है।