12 जून को एएमयू के कैनेडी ऑडिटोरियम में होगी मण्डलीय औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी


कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य व महिला सशक्तिकरण योजनाओं की मिलेगी जानकारी, राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह करेंगे किसानों से संवाद


फोटो नं0 107 मुख्य विकास अधिकारी योगेन्द्र कुमार


अलीगढ़। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उद्यानिकी विकास, मूल्य संवर्धन तथा सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से 12 जून को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कैनेडी ऑडिटोरियम में अलीगढ़ एवं आगरा मंडल की मण्डलीय औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और किसानों से सीधे संवाद भी करेंगे।मुख्य विकास अधिकारी योगेन्द्र कुमार ने बताया कि यह गोष्ठी देश में सेवा, सुशासन एवं जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना तथा उन्हें कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र में उपलब्ध नई संभावनाओं से अवगत कराना है।उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में कृषि केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि उद्यानिकी, फल एवं सब्जी उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात जैसे क्षेत्रों में भी किसानों के लिए रोजगार और आय बढ़ाने के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। इसी उद्देश्य से गोष्ठी में विशेषज्ञों द्वारा किसानों को आधुनिक खेती, उन्नत बीज, ड्रिप सिंचाई, संरक्षित खेती, जैविक कृषि, फल एवं सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन तथा कृषि आधारित उद्यमों की जानकारी दी जाएगी।

विभिन्न विभाग लगाएंगे प्रदर्शनी स्टॉल

गोष्ठी में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, गन्ना विकास, पंचायत राज, महिला एवं बाल विकास सहित कई विभागों द्वारा आकर्षक प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर विभागीय योजनाओं, अनुदानों, सब्सिडी कार्यक्रमों, तकनीकी नवाचारों तथा लाभार्थी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।किसानों को कृषि यंत्रों, आधुनिक तकनीकों, फसल प्रबंधन, पशुपालन योजनाओं, डेयरी विकास, मत्स्य पालन, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार तथा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों की भी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारी किसानों की समस्याओं का समाधान करने और योजनाओं से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देने के लिए मौजूद रहेंगे।

आधुनिक कृषि और निर्यात की संभावनाओं पर होगा विशेष फोकस

गोष्ठी में किसानों को कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, विपणन और निर्यात की संभावनाओं से अवगत कराया जाएगा। विशेषज्ञ बताएंगे कि कैसे पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी और प्रसंस्करण आधारित गतिविधियों को अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने के लिए संचालित योजनाओं, बागवानी विकास कार्यक्रमों, फल एवं सब्जी उत्पादन प्रोत्साहन योजनाओं तथा कृषि निर्यात नीति की भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों के अनुभव भी साझा किए जाएंगे ताकि अन्य किसान उनसे प्रेरणा लेकर नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित हो सकें।

अलीगढ़, आगरा और बुलंदशहर के किसान होंगे शामिल

गोष्ठी में अलीगढ़ एवं आगरा मंडल के साथ-साथ बुलंदशहर जनपद के किसान, उद्यान उत्पादक, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य, कृषि उद्यमी, प्रगतिशील कृषक तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी बड़ी संख्या में भाग लेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा।

अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश

मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विभागों की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। प्रत्येक विभाग द्वारा योजनाओं से संबंधित पुस्तिकाएं, प्रचार सामग्री, तकनीकी जानकारी और प्रदर्शन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी ताकि कार्यक्रम में आने वाले किसान अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने में सफल हों। मण्डलीय औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।जिला प्रशासन ने क्षेत्र के किसानों, उद्यान उत्पादकों एवं स्वयं सहायता समूहों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इसका लाभ उठाने की अपील की है।