रेलवे ने दिखाई तत्परता, कोच में क्रैक की घटना के बाद देशभर में शुरू की विशेष सेफ्टी ड्राइव

दिल्ली। 6 जून 2026 को दिल्ली?श्री माता वैष्णो देवी स्पेशल ट्रेन के एक स्लीपर कोच में लुधियाना स्टेशन पर क्रैक विकसित होने की घटना के बाद भारतीय रेलवे ने तत्काल सुधारात्मक एवं सख्त कदम उठाए हैं। यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेलवे ने सभी आईसीएफ (ICF) कोचों के लिए विशेष सुरक्षा अभियान शुरू कर दिया है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस सेफ्टी ड्राइव के दौरान कोचों के संवेदनशील हिस्सों में जंग और क्षरण (कॉरोजन) की विशेष रूप से जांच की जाएगी। इसके तहत अगले एक सप्ताह के भीतर सभी संबंधित कोचों का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। जिन कोचों में अत्यधिक क्षरण पाया जाएगा, उन्हें सेवा से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे ने निरीक्षण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यालय, वर्कशॉप और मंडल स्तर के अधिकारियों द्वारा सुपर-चेक की व्यवस्था की है। साथ ही क्षेत्रीय रेलवे द्वारा इस अभियान से संबंधित जानकारीपूर्ण वीडियो भी जारी किया गया है, जिससे निरीक्षण मानकों को और बेहतर बनाया जा सके।

आधुनिक तकनीकों का भी व्यापक उपयोग किया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों की जांच के लिए इंडोस्कोपी कैमरा, अल्ट्रासोनिक थिकनेस गेज सहित अन्य उन्नत उपकरणों का सहारा लिया जाएगा, ताकि किसी भी संभावित कमजोरी या क्षति का समय रहते पता लगाया जा सके।

रेलवे ने यह भी निर्णय लिया है कि पीरियॉडिक ओवरहॉलिंग (POH) करने वाली सभी वर्कशॉप्स का अगले एक माह के भीतर विशेष ऑडिट कराया जाएगा। इसके अलावा स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल (SOP) को सरल और प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि अत्यधिक क्षरण वाले अथवा जिन कोचों की मरम्मत लागत बहुत अधिक है, उन्हें तेजी से निरस्त किया जा सके।

रेलवे का कहना है कि इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित एवं विश्वसनीय रेल यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।