जनपद पंचायत अन्तर्गत जूनापारा में मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत सीसी सड़क निमार्ण कार्यों में लाखों का घोटाला जांच की उठी मांग।

बैकुंठपुर। जनपद पंचायत बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत सरडी में मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत स्वीकृत सीसी सड़क निर्माण कार्य भारी भ्रष्टाचार का आशंका जताई जा रही है स्थानीय ग्रामीण द्वारा वीडियो जारी कर यह स्पष्ट किया है कि सीसी सड़क निमार्ण कार्य केवल सूचना पटल में दर्शाया गया है जबकि जमीनी हकीकत कुछ अलग ही बया कर रही है शासन की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ केवल फ़ाइलों तक ही सीमित है जमीनी स्तर पर कार्य शून्य है ग्रामीणों में सीसी सड़क निमार्ण को ले कर काफी आक्रोश देखा जा रहा है जहां सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण कार्य को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना पटल में 5.20 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण का उल्लेख किया गया है, लेकिन धरातल पर निर्माण कार्य दिखाई नहीं दे रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है और कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति को लेकर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।सूचना पट्ट के अनुसार जूनापारा देवा घर से शिवबालक के घर तक सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण कार्य के लिए 5.20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। कार्य की एजेंसी ग्राम पंचायत सरडी को बनाया गया है। बोर्ड में कार्य प्रारंभ तिथि 08 सितंबर 2025 तथा पूर्णता तिथि 05 अप्रैल 2026 अंकित है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्धारित समयावधि पूरी होने के बावजूद सड़क निर्माण का लाभ उन्हें नहीं मिला है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि यदि राशि स्वीकृत हुई और कार्य पूर्ण भी दर्शाया गया है, तो सड़क का वास्तविक निर्माण कहां हुआ, इसकी जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्य केवल कागजों और सूचना पट्ट तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि जनता को उसका प्रत्यक्ष लाभ मिलना चाहिए।

क्या विभागीय अधिकारी इंजीनियर की मिली भगत तो नहीं ?

जनपद पंचायत बैकुंठपुर के अंतर्गत आने वाले जूनापारा में सीसी सड़क निमार्ण कार्य केवल खाना पूर्ति किया गया है विभागीय जांच के बगैर ही निर्माण कर दिया गया है ऐसे में उच्च स्तरीय जांच कर विभागीय अधिकारी इंजीनियर पर कार्यवाही होने की संभावना तय है क्या उच्च अधिकारी द्वारा कार्यवाही की जाएगी। मामले को लेकर अब पंचायत की कार्यप्रणाली और निर्माण कार्य की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा स्वीकृत राशि के उपयोग की जांच की जाए। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।ग्रामीणों का कहना है कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य गांवों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि कार्य केवल सूचना पट्ट तक सीमित रह जाएं तो इससे योजनाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

ग्रामीणों की मांग

सड़क निर्माण कार्य का मौके पर निरीक्षण कराया जाए।

स्वीकृत राशि के खर्च का सार्वजनिक विवरण जारी किया जाए।

निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की जांच हो।

दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।