रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: वर्षों बाद फिर पटरी पर कल से लौटेगी पठानकोट-जोगिंदर नगर ट्रेन

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: वर्षों बाद फिर पटरी पर कल से लौटेगी पठानकोट-जोगिंदर नगर ट्रेन

  • बारिश-आंधी भी नहीं रोक सकी टीम का हौसला, कल से फिर दौड़ेगी पठानकोट-जोगिंदर नगर ट्रेन
  • सीनियर डीईएन शुभम पवार और टीम की मेहनत लाई रंग, वर्षों बाद पटरी पर लौट रही ऐतिहासिक रेल सेवा
  • दिन-रात की मेहनत का मिला इनाम, कल से फिर गूंजेगी पठानकोट-जोगिंदर नगर रेल लाइन
  • इंजीनियरिंग टीम ने कर दिखाया कमाल, बंद पड़ी रेल लाइन पर फिर शुरू होगा सफर

पठानकोट। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार पठानकोट-जोगिंदर नगर रेलखंड पर रेल सेवाएं फिर से शुरू होने जा रही हैं। पिछले कई वर्षों से बंद पड़ी इस ऐतिहासिक नैरोगेज रेल लाइन पर मंगलवार से ट्रेनों का संचालन शुरू होगा। इससे हिमाचल प्रदेश और पंजाब के हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

रेल सेवा की बहाली के पीछे जम्मू मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विशेष रूप से इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दिन-रात कार्य कर ट्रैक को सुरक्षित और संचालन योग्य बनाया।

इस अभियान में वरिष्ठ मंडल अभियंता (सीनियर डीईएन) शुभम पवार के नेतृत्व को विशेष रूप से सराहा जा रहा है। उन्होंने केवल कार्यालय से निगरानी करने के बजाय स्वयं मौके पर पहुंचकर कार्यों की मॉनिटरिंग की। आंधी, बारिश, खराब मौसम और देर रात तक चलने वाले कार्यों के दौरान भी वे लगातार टीम के साथ मौजूद रहे और आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।

रेलखंड पर सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ट्रैक, पुलों और अन्य संरचनाओं का व्यापक निरीक्षण एवं मरम्मत कार्य कराया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों की इसी मेहनत का परिणाम है कि अब यह महत्वपूर्ण रेल सेवा एक बार फिर यात्रियों के लिए उपलब्ध होने जा रही है।

स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों में ट्रेन संचालन शुरू होने को लेकर उत्साह का माहौल है। यह रेल लाइन न केवल यातायात का महत्वपूर्ण साधन है, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और विश्वसनीय यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। वर्षों बाद इस रेल सेवा की बहाली जम्मू मंडल की कार्यकुशलता और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जा रही है।पॉजिटिव हेडलाइन विकल्प: